शनिवार, 27 मई, 2006 को 12:11 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ ने वेस्टइंडीज़ के साथ एकदिवसीय सिरीज़ में मिली हार के लिए कमज़ोर बल्लेबाज़ी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
चौथे वनडे में मेज़बान टीम से मिली शिकस्त के बाद द्रविड़ का कहना था, "दूसरे मैच में ही जीतने का मौका गँवाने से सिरीज़ पर हमारी पकड़ ढीली पड़ गई. निश्चित रुप से हमारे बल्लेबाज़ अपनी क्षमता के मुताबिक नहीं खेल पाए."
पाँच मैचों की सिरीज़ में त्रिनिदाद में खेले गए चौथे मैच में मिली जीत से वेस्टइंडीज 3-1 से आगे हो गया है और पाँचवाँ मैच अब महज़ एक औपचारिकता रह गया है.
द्रविड़ का कहना था कि पहले वन डे को छोड़कर बाकी किसी मैच में टीम पर्याप्त रन नहीं बना पाई.
उन्होंने कहा कि मेज़बान टीम के स्पिनरों के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ बेहतर खेल नहीं दिखा सके और वे कैरीबियाई हालातों के मुताबिक ख़ुद को ढाल नहीं पाए जो वन डे सिरीज़ में हार की मुख्य वजह रही.
द्रविड़ ने कहा कि पठान जैसे अनुभवी गेंदबाज़ भी यहाँ की विकेट को पढ़ने में नाकाम रहे और उनकी लेंथ ठीक नहीं थी.
उन्होंने कहा, "हमें इस बात को समझने की ज़रूरत है कि वेस्टइंडीज की विकेटों पर 280 या 290 रनों का स्कोर खड़ा करना आसान नहीं है. इन विकेटों पर 250 के आस पास का स्कोर ही कठिन साबित हो सकता है."
लारा की खुशी
वहीं मैच जिताऊ पारी खेलने वाले वेस्टइंडीज़ के कप्तान ब्रायन लारा ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा, "इस जीत से हमारे बेहतर भविष्य का संकेत मिलता है. टीम मे तेज़ी से निखार आ रहा है जो मेरे लिए सबसे अहम बात है."
उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज विश्व कप की चुनौतियों के लिए तैयार हो रही है और अगले कुछ महीनों के दौरान टीम के प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद की जा सकती है.
कैरीबियाई कप्तान का मानना है कि उनकी टीम के युवा खिलाड़ियों में कौशल की कमी नहीं है.
उन्होंने कहा, "कमी है तो सिर्फ़ आत्मविश्वास की. आप अगले कुछ समय में इसमें भी सुधार देखेंगे."
चौथे वनडे में भारत की ओर से मिले 217 रनों के लक्ष्य को वेस्टइंडीज ने चार विकेटों के नुक़सान पर 44 ओवर में ही पार कर लिया.