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मंगलवार, 23 मई, 2006 को 13:41 GMT तक के समाचार

वेस्टइंडीज ने तीसरा वनडे भी जीता

रामनरेश सरवन ने अपने करियर का तीसरा शतक ठोककर मँझधार में फंसी वेस्टइंडीज को संकट से उबारा और भारत के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में चार विकेट से जीत दिला दी.

पाँच मैंचों की श्रृंखला में ये वेस्टइंडीज़ की लगातार दूसरी जीत है. इससे पहले दूसरा वनडे भी वेस्टइंडीज़ ने एक रन से जीत लिया था.

भारत सिर्फ़ एक जीत के साथ ही अब इस श्रृंखला में 2-1 से पिछड़ गया है.

सेंट किट्स में खेले गए तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने निर्धारित 50 ओवरों में 246 रनों के जीत का लक्ष्य एक गेंद बाक़ी रहते ही पूरा कर लिया.

एक समय मेहमान टीम के चार विकेट 131 रनों पर लुढ़क चुके थे लेकिन सरवन ने एक छोड़ से खूँटा गाड़ कर भारत के मंसूबों पर पानी फेर दिया.

तीसरे वनडे का ताज़ा स्कोर देखिए

सरवन ने 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 120 गेंदों में नाबाद 115 रन बनाए.

चंद्रपॉल ने 58 रन बना कर पठान की गेंद पर पगबाधा आउट होने से पहले सरवन के साथ पाँचवें विकेट के लिए 106 रनों की मैच जिताऊ साझीदारी की.

चंद्रपॉल के बाद ब्रावो के जल्दी रन आउट हो जाने से मैच रोमांचक स्थिति में पहुँच गया था लेकिन बॉव ने सरवन का अंतिम समय तक साथ दिया.

बॉव एक रन बना कर नाबाद रहे.

भारत की ओर से अगरकर ने दो और हरभजन, श्रीसंत तथा पठान ने एक एक विकेट लिए.

सबीना पार्क में खेले गए पहले मैच में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से शिकस्त दी थी लेकिन इसी मैदान पर दूसरे मैच में उसे एक रन से हार का मुंह देखना पड़ा था.

वेस्टइंडीज की पारी

वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ओपनर सैमुएल्स 11 रन बना कर श्रीसंत का शिकार बने और मोर्टन को अगरकर ने बिना खाता खोले चलता किया.

सैमुएल्स और मोर्टन का विकेट सस्ते में गँवाने के बाद गेल और सरवन ने पारी को मज़बूत करने की कोशिश की.

लेकिन अगरकर ने गेल को 40 रन के निजी स्कोर पर धोनी के हाथों लपकवाकर मेज़बान टीम को
तगड़ा झटका दिया.

इसके बाद कप्तान लारा भी कोई कमाल नहीं दिखा सके और मात्र पाँच रन बना कर हरभजन की गेंद पर द्रविड़ को कैच थमा बैठे.

वेस्टइंडीज के चार शीर्ष खिलाड़ी 132 रनों के योग पर पैवेलियन लौट चुके थे लेकिन सरवन और चंद्रपॉल ने सूझबूझ के साथ कैरीबियाई पारी को तराशा.

भारतीय पारी

इससे पूर्व टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने सहवाग और कैफ़ की उम्दा पारियों के बूते निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 245 रह बनाए.

लंबे अरसे बाद फॉर्म में आए सहवाग ने 96 और कैफ़ ने 63 रनों की पारी खेली.

इन दोनों बल्लेबाज़ों के अलावा और कोई अन्य बल्लेबाज़ क्रीज़ पर ज़्यादा देर टिक नहीं सका.

कप्तान राहुल द्रविड़ पहले ही ओवर में बिना कोई रन बनाए ब्रैडशॉ की गेंद पर चलते बने.

लेकिन वीरेंदर सहवाग ने आक्रमक खेल दिखाया. अपने चित-परिचित अंदाज़ में सहवाग ने सुरेश रैना के साथ पारी को संभाला. लेकिन सुरेश रैना 26 रन बनाकर ब्रैडशॉ के दूसरे शिकार बने.

इस समय भारत का स्कोर था दो विकेट के नुक़सान पर 174 रन.

कैफ़ के साथ बढ़िया तालमेल दिखा रहे सहवाग शतक बनाने से चूक गए और 96 रन बनाकर ब्रैवो की गेंद पर एलबीडब्लू आउट हो गए.

उनके आउट होने के बाद कैफ़ का साथ निभाने आए धोनी भी सस्ते में 15 रन बना कर रन आउट हुए. इसके तुरंत बाद अच्छी पारी खेल रहे मोहम्मद कैफ़ भी 63 रन बनाकर रन आउट हो गए.

कैफ़ के आउट होने के बाद निचला क्रम ताश के पत्तों की मानिंद ढह गया और महज 34 रनों के अंतराल पर छह विकेट गिर गए.

इरफ़ान पठान एक, रमेश पवार एक, वेणुगोपाल राव 11 रन और अजित अगरकर आठ बनाकर आउट हो गए. हरभजन सिंह सात और श्रीसंत एक रन बनाकर नाबाद रहे.

वेस्टइंडीज़ की ओर से ब्रैडशॉ और ब्रैवो को दो-दो विकेट मिले. जबकि सैमुएल्स और सरवन के खाते में एक-एक विकेट आए. भारत के तीन खिलाड़ी रन आउट हुए.

पीठ के दर्द से परेशान युवराज सिंह के स्थान पर इस मैच में राव को मौका दिया गया और मुनाफ़ पटेल की जगह श्रीसंत को गेंदबाजी की कमान सौंपी गई.