बुधवार, 08 मार्च, 2006 को 17:15 GMT तक के समाचार
अरूण लाल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर
भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टैस्ट मैच गुरूवार से मोहाली में शुरू हो रहा है. दोनों ही टीमों ने ज़ोरदार तैयारी की है.
सभी ये जानते हैं कि इस टैस्ट मैट में बहुत जरूरी है कि शुरूआत अच्छी हो. यहाँ पर ज़्यादा उछाल मिलता है, विकेट काफी ठोस रहती है और पारंपरिक तौर पर यहाँ पर विकेट में थोड़ी सी गति भी रहती है.
नागपुर से अगर तुलना की जाए तो यहाँ पर तेज़ गेंदबाज़ों को ज़्यादा मिलने की संभावना है. मोहाली में दो विकेटें बनाई गई थीं. एक हरी है और एक थोड़ी सी भूरी, जिसमें घास कम है.
ऐसा लग रहा है कि कम घास वाले विकेट पर ही खेल होगा. खिलाड़ियों का मानना है कि दूसरे-तीसरे दिन यहाँ थोड़ा सा घुमाव मिलने की संभावना है. भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी कहा है कि शायद पाँच गेंदबाज़ यहाँ पर खेलें.
जहाँ तक ग्रेग चैपल की बात है उनकी भी कोशिश यही है कि पाँच गेंदबाज़ खिलाए जाएँ क्योंकि यहाँ पर भारतीय टीम के लिए जीतना बहुत ज़रूरी है.
ऐसा लगता है कि शायद तीन मध्यम गति के गेंदबाज़ ही खेलें.
जहाँ तक उछाल मिलने की जो बात है इस विकेट का फायदा केवल तेज़ गेंदबाज़ों को ही नहीं होगा स्पिनर को भी खास तौर पर हरभजन और कुंबले उछाल पर ही निर्भर रहते हैं.
कल थोड़ी सी बारिश होने के बाद मौसम में नरमी रहेगी. और थोड़ा सा ताजापन ज़्यादा रहेगा. पहले और दूसरे दिन कहते हैं कि थोड़ी सी स्वेटिंग होने की संभावना है तो उससे शायद ताजापन रहे.
टॉस
मेरा मानना है कि जो टॉस जीतेगा वह पहले बैटिंग करना पसंद करेगा पर पहले दो घंटे काफी संभलकर खेलना होगा.
भारतीय टीम में युवराज सिंह की वापसी से फील्डिंग भी थोड़ी अच्छी होगी.
जहाँ तक इंग्लैंड का सवाल है वो तो पहले से ही अपने दिग्गज खिलाड़ी खो बैठे हैं, पर उनकी टीम अब संभल गई है.
युवा खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं ज़्यादा फेरबदल की संभावना नहीं है. वहीं पुरानी टीम खेलेने की संभावना है.
नागपुर की अगर तुलना की जाए तो वो काफी आत्मविश्वास के साथ उतरेंगे. और यह तय हो चुका है कि फ्लिंटाफ इस पूरी सीरीज में कप्तान रहेंगे.
शुरूआत अच्छी हुई है और लगता है कि यहाँ पर तो अपने तेज गेंदबाज़ों पर ज़्यादा निर्भर रहेंगे. कुछ हद तक संभावना है कि विकेट से यहाँ पर उन्हें मदद मिले. यहाँ पर काँटे की टक्कर हो सकती है पर टॉस बहुत महत्वपूर्ण होगा.