सोमवार, 27 फ़रवरी, 2006 को 23:17 GMT तक के समाचार
एंड्र्यू फ़्लिंटॉफ़ नागपुर में पहली बार इंग्लैंड क्रिकेट टीम की कप्तानी करेंगे क्योंकि माइकल वॉन को घुटने की चोट के कारण वापस लौटना पड़ रहा है.
भारत खेलने गई इंग्लैंड टीम के लिए इस बार का दौरा बेहद चुनौतीपूर्ण लग रहा है क्योंकि एक-के-बाद-एक टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी बीमारी या चोट के कारण खेलने की स्थिति में नहीं हैं.
सबसे पहले तो टीम के महत्वपूर्ण स्तंभ ऐशले जाइल्स पीठ की दर्द के कारण दौरे के लिए जा ही नहीं सके.
इसके बाद जब टीम भारत पहुँच गई तो 25 फ़रवरी को उपकप्तान मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कुछ व्यक्तिगत कारणों से दौरा छोड़कर इंग्लैंड वापस जाने की घोषणा की.
फिर 27 फ़रवरी को पहले टेस्ट मैच से दो दिन पहले कहा गया कि कप्तान माइकल वॉन और तेज़ गेंदबाज़ साइमन जोन्स को चोट के कारण लौटना पड़ेगा.
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चयनकर्ताओं के अध्यक्ष डे ग्रेवनी ने टीम के खिलाड़ियों के इस तरह से चोटिल होने पर हैरानी प्रकट की.
डेविड ग्रेवनी ने कहा,"मुझे याद नहीं कि कभी इस तरह से हमारे खिलाड़ी घायल या बीमार हुए थे. निश्चित रूप से बहुत गंभीर समस्याएँ रही हैं.
"मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हम घुटने टेक देंगे और बुधवार को मुक़ाबला ही नहीं करेंगे."
फ़्लिंटॉफ़ करेंगे कप्तानी
एंड्र्यू फ़्लिंटॉफ़ के लिए भारत दौरा भी अजीब संयोग लेकर आया है क्योंकि मैच शुरू होने से पहले केवल वही एक खिलाड़ी थे जिनका इंग्लैंड वापस लौटना तय था.
दरअसल फ़्लिंटफ़ दूसरी बार पिता बननेवाले हैं और इसकारण वे तीसरे टेस्ट से पहले अपनी पत्नी राशेल के पास लौटना चाहते थे.
लेकिन अब फ़्लिंटफ़ को पूरे दौरे में भारत रहना पड़ेगा.
फ़लिंटफ़ ने इस बारे में बीबीसी से कहा,"ये एक त्याग है जो मुझे करना ही पड़ेगा मगर मुझे लगता है कि मैं सही फ़ैसला ले रहा हूँ".
"ये एक कठिन फ़ैसला था लेकिन राशेल ने मुझे पूरा सहयोग दिया और उसे इस बात पर गर्व है कि मुझे कप्तान बनाया गया है".
नागपुर टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा,"बुधवार आने दीजिए फिर मुझे पता चलेगा - कि मुझे 10 ऐसे लड़के मिलने जा रहे हैं जो इंग्लैंड के लिए खेलना चाहते हैं और अच्छा करना चाहते हैं".
एंड्र्यू फ़लिंटॉफ़ क्रिस काउड्रे के बाद इंग्लैंड की कप्तानी करनेवाले दूसरे ऑलराउंडर होंगे. काउड्रे ने 1988 में एक वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ एक मैच में कप्तानी की थी.
इंग्लैंड के सबसे नामी ऑलराउंडर कप्तान रहे हैं इयन बॉथम जिन्होंने 12 मैचों में कप्तानी की लेकिन एक भी टेस्ट जितवा नहीं पाए.