रविवार, 19 फ़रवरी, 2006 को 15:03 GMT तक के समाचार
भारत ने कराची में हुए आख़िरी एक दिवसीय मैच में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर पाँच मैचों की सीरिज़ 4-1 के बड़े अंतर से जीत ली है.
कराची में पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 286 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था लेकिन ये स्कोर भी भारत के लिए छोटा ही साबित हुआ और भारत ने 19 गेंद बाक़ी रहते हुए पाकिस्तान को आठ विकेट से पीटा दिया.
भारत पेशावर में हुआ पहला वनडे डकवर्थ लुईस नियम के तहत हारा था. जबकि रावलपिंडी, लाहौर, मुल्तान और अब कराची में भी भारत ने जीत हासिल की.
कराची में भारत की ओर से युवराज सिंह ने एक बार फिर शानदार पारी खेली और अपने वनडे करियर का छठा शतक भी जड़ा. लेकिन आख़िरी ओवरों में अपने हाथ दिखाने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने सबका दिल जीता.
उन्होंने धमाकेदार पारी खेली और सिर्फ़ 56 गेंद पर छह चौकों और चार छक्कों की सहायता से 77 रन बनाए. जबकि युवराज सिंह 107 रन पर नाबाद रहे.
भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज़ के रूप में उतरे कप्तान राहुल द्रविड़ ने 50 और गौतम गंभीर ने 38 रन बनाए.
कराची मैच के साथ-साथ पूरी सीरिज़ में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह को मैन ऑफ़ द मैच और मैन ऑफ़ द सीरिज़ का पुरस्कार दिया गया.
इससे पहले पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 286 रन बनाए. पाकिस्तान की ओर से बेहतरीन पारी खेली यूनुस ख़ान और मोहम्मद यूसुफ़ ने.
यूनुस ख़ान ने सर्वाधिक 74 रन बनाए और नाबाद रहे जबकि मोहम्मद यूसुफ़ 67 रन बनाकर आउट हुए.
पाकिस्तान की ओर से यूनुस ख़ान और इफ़्तिख़ार अंजुम ने आख़िरी ओवर में 18 रन जोड़े और पाकिस्तान का स्कोर 286 तक पहुँचाया.
भारत की ओर से श्रीसंत सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, उन्होंने चार विकेट हासिल किए जबकि ज़हीर ख़ान, अजित अगरकर, रमेश पोवार और आरपी सिंह ने एक-एक विकेट लिए.
एक समय पाकिस्तान का स्कोर था चार विकेट पर 115 रन. लेकिन मोहम्मद यूसुफ़ और यूनुस ख़ान ने पाकिस्तान को संकट से उबारते हुए बेहतरीन बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया.
पाकिस्तान की पारी
कराची में टॉस जीतकर भारत के कप्तान राहुल द्रविड़ ने पाकिस्तान को बल्लेबाज़ी के लिए उतारा. पाकिस्तान ने अपनी टीम में दो बदलाव किए.
टीम में सलमान बट और राणा नवीद की जगह इमरान फ़रहत और इफ़्तिख़ार अंजुम को शामिल किया गया था.
जबकि भारत ने भी इरफ़ान पठान और सचिन तेंदुलकर को आराम देने का फ़ैसला किया और रमेश पवार और ज़हीर ख़ान को टीम में जगह दी गई थी.
पाकिस्तान की ओर से पारी की शुरुआत इमरान फ़रहत और कामरान अकमल ने की थी. दोनों ने तेज़ी से रन बनाने शुरू किए.
भारत की ओर से गेंदबाज़ी शुरू करने वाले ज़हीर ख़ान और अजित अगरकर प्रभावी साबित नहीं हुए और उन्होंने कई अतिरिक्त रन भी दिए.
गेंदबाज़ी में परिवर्तन का भारतीय टीम को लाभ हुआ. जब 11 वें ओवर में इमरान फ़रहत श्रीसंत की गेंद पर आउट हो गए. उन्होंने 24 रन बनाए.
थोड़ी देर बाद कामरान अकमल भी पवेलियन लौट गए. उनका विकेट भी श्रीसंत को ही मिला. कामरान ने 25 रनों का योगदान दिया.
भारत को शोएब मलिक का महत्वपूर्ण विकेट भी श्रीसंत की बदौलत ही हासिल हुआ. शोएब 12 रन के निजी स्कोर पर श्रीसंत की गेंद पर आउट हुए.
इसके बाद पिच पर आए पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम-उल-हक़ ने आक्रामक शुरुआत की और तेज़ी से रन बटोरने शुरू किए. लेकिन रमेश पोवार की एक गेंद पर वे चकमा खा गए. उन्होंने 20 गेंद पर तीन चौके और एक छक्के की सहायता से 21 रन बनाए.
चार विकेट 115 रन पर गिर जाने के बाद मोहम्मद यूसुफ़ और यूनुस ख़ान ने मोर्चा संभाला और बेहतरीन बल्लेबाज़ी की. संयम के साथ-साथ उन्होंने शानदार स्ट्रोक भी लगाए.
लेकिन मोहम्मद यूसुफ़ के 67 रन पर आउट होने के बाद पाकिस्तान की पारी एक बार फिर लड़खड़ाने लगी. मोहम्मद यूसुफ़ और यूनुस ख़ान ने पाँचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 95 रन जोड़े.
मोहम्मद यूसुफ़ के आउट होने के बाद एक छोर तो उप कप्तान यूनुस ख़ान ने संभाले रखा लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे. अब्दुल रज़्ज़ाक़ ने ज़रूर तबाड़तोड़ 24 रन बनाए.
एक समय ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान 300 से ज़्यादा रन बना लेगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. फिर भी आख़िरी ओवरों में यूनुस ख़ान की पारी की बदौलत पाकिस्तान 286 रन बनाने में सफल हुआ.