सोमवार, 13 फ़रवरी, 2006 को 17:53 GMT तक के समाचार
अरूण लाल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर
भारत ने लाहौर में तीसरा मैच दो ओवर दो गेंद बाकी रहते पाँच विकेट से जीत लिया है. भारतीय टीम ने यहाँ बहुत ही ज़बरदस्त प्रदर्शन किया.
राहुल द्रविड़ ने टॉस जीत कर बहुत ही साहसिक निर्णय लिया. सभी सोच रहे थे कि भारतीय टीम को बैटिंग करनी चाहिए पर पिच पर नमी देखकर भारतीय कप्तान ने ये निर्णय लिया और फील्डिंग की.
भारतीय टीम को शुरूआत में ही पहली सफलता मिली और इरफ़ान पठान ने शानदार तीन विकेट लिए. भारतीय टीम ने पाकिस्तान को शुरूआत में ही बैकफुट पर धकेल दिया.
पाकिस्तान ने इसकी भरपाई ज़रूर की. शोयब मलिक लाजवाब फॉर्म में हैं और रन तेज़ी से एकत्रित करते हैं. शोएब मलिक की बदौलत ही पाकिस्तानी टीम यहाँ पर लड़ पा रही है. बहुत ज़बरदस्त, 90 रन, 95 रन और अब 108 रन, लगातार तीन मैचों में और अगर शोएब मलिक नहीं खेलें तो पाकिस्तान की टीम बिलकुल ही मुक़ाबला नहीं कर पाती.
भारतीय गेंदबाज़ी और सचिन
भारतीय गेंदबाज़ी की सभी आलोचना कर रहे हैं. पर मैं समझता हूँ कि अगर पाकिस्तान की गेंदबाज़ी से तुलना की जाए तो भारतीय गेंदबाज़ों का ज़्यादा अच्छा प्रदर्शन रहा है.
भारतीय टीम तीसरे एकदिवसीय मैच में शानदार ढंग से स्कोर का पीछा कर रही थी. शुरूआत में नई गेंद होने की वजह से गेंद स्विंग हो रही थी और पहले दो विकेट जल्द गिर गए. पर तेंदुलकर ने एक बार फिर वही नया रोल अदा किया जो वो इस श्रृंखला में कर रहे हैं.
भारतीय टीम की रणनीति है कि सचिन तेंदुलकर एक ओर खड़े रहे और डटे रहे और बाकी टीम उनके ईर्द-गिर्द खेले. तेंदुलकर के साथ युवराज सिंह ने बहुत अच्छी पारी खेली.
धोनी
तेंदुलकर जब आउट हुए तो धोनी ने आकर एक लाजवाब पारी खेली है. मै समझता है कि आधुनिक क्रिकेट में इससे अच्छी पारी बहुत कम ही देखने को मिलेगी.
जब धोनी खेलने आए तो 190 पर पाँच थे और मैच जीतने के लिए साढ़े छह रन प्रति ओवर चाहिए थे.
युवराज और धोनी ने 79 गेंदों में 102 रन आसानी से बनाए. और 46 गेंदों में 72 रन बनाने वाले महेन्द्र सिंह धोनी को मैन ऑफ द मैच करार दिया गया.
उभरती टीम
ग्रैग चैपल की कोचिंग में जो नई भारतीय टीम उभर कर निकल रही है उसमें ऐसा देखने में आया है कि जब भी थोड़ा सा तनाव दिखता है, कोई समस्या दिखती है तो वह आक्रमण करते हैं.
धोनी, पठान, युवराज सिंह अच्छे फॉर्म में हैं तो इस रणनीति में सफलता भी मिल रही है.
भारत के लिए बहुत ही शानदार स्थिति है. लगातार ग्यारहवी बार जीत के लिए किसी स्कोर का पीछा करते हुए भारत ने जीत हासिल की है.
तो ऐसा लगाता है कि अगर आगे भी वो स्कोर का पीछा करेंगी तो इन विकेटों पर भारतीय टीम हार नहीं सकती.
इस तरह पाकिस्तान के लिए इस सिरीज में बहुत ही गंभीर स्थिति है.