शनिवार, 11 फ़रवरी, 2006 को 02:23 GMT तक के समाचार
बीसवें शीतकालीन ओलंपिक खेल इटली के तूरिन शहर में शुक्रवार को भारी सुरक्षा प्रबंधों और भव्य उद्घाटन समारोहों के साथ शुरू हो गए हैं.
इटली के राषट्रपति कार्लो अज़ेगलियो सियेंपी ने नो फ्लाई ज़ोन के नीचे इन खेलों के शुरू होने का ऐलान किया.
स्टेडियम में लगबग 35 हज़ार दर्शक उद्घाटन समारोह देखने के लिए मौजूद थे जबकि लाखों लोगों ने टेलीविज़न पर इसका आनंद लिया.
इटली के एक ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता ने मशाल के प्रतीक उपकरण पर हथौड़े से चोट की तो उससे आग की लपटें निकलीं और उसी के साथ दो घंटे चलने वाला उद्धाटन समारोह शुरू हुआ.
सैकड़ों कलाकारों और हज़ारों स्वयंसेवकों ने भव्य नज़ारा पेश किया जिसमे इटली की झलकियों के साथ-साथ उसके इतिहास और तूरिन शहर की भी झलकियों ने मन मोह लिया.
लगभग दो हज़ार एथलीटों ने अपने-अपने देशों के झंडों के साथ फ्लैग मार्च किया.
उत्तर और दक्षिण कोरिया के एथलीटों ने किसी ओलंपिक खेलों में तीसरी बार एक टीम के रूप में हिस्सा लिया.
बीबीसी संवाददाता हैरी पियर्ट का कहना है कि उद्घाटन समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के साथ आयोजकों ने पहली बड़ी बाधा तो पार कर ली है और अब एथलीटों की बारी है.
सुरक्षा प्रबंध
अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के लिए दस करोड़ डॉलर ख़र्च किए और लगभग 15 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए.
उदघाटन समारोह में 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद थे और शहर के ऊपर से किसी भी विमान के उड़ने पर रोक लगाई गई यानी नो फ्लाई ज़ोन बनाया गया.
उदघाटन समारोह के दौरान हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते तूरिन शहर के ऊपर नैटो के विमानों ने गश्त लगाई.
इन खेलों के आयोजन पर हो रहे भारी ख़र्च के विरोध में प्रदर्शन भी हुए हैं और गुरूवार को इन्ही प्रदर्शनों से बचने के लिए ओलंपिक खेलों की मशाल का रास्ता बदलना पड़ा.
शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मशाल दो महीने से इटली में घूम रही थी जिस दौरान मशाल लेकर चलने वाले दल को कई जगह बाधाओं का सामना करना पड़ा.
गुरूवार को भी एक रेल लिंक के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था जिससे बचने के लिए पुलिस ने मशाल का रास्ता बदला. प्रदर्शन में सैकड़ों लोग हिस्सा ले रहे थे.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सूसा खाड़ी में रेलवे की सुरंग बनाने से पर्यावरण को नुक़सान होगा और एस्बेस्टॉस और यूरेनियम वातावरण में फैलेगा.
एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "ये गंदे खेल हैं क्योंकि इन पर भारी धन ख़र्च किया जा रहा है और हम नहीं जानते कि भविष्य में इसका कोई फ़ायदा होगा या नहीं."