बुधवार, 08 फ़रवरी, 2006 को 09:15 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दूरदर्शन को निर्देश दिए हैं कि वह भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले एकदिवसीय मैचों के प्रसारण के बीच अपना कोई कार्यक्रम या विज्ञापन न दिखाए.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले फ़ैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि दूरदर्शन को मैच शुरु होने से ख़त्म होने तक टेन स्पोर्ट्स के प्रसारण को बिना किसी बाधा प्रसारित करे.
दरअसल पहले एक दिवसीय प्रसारण के दौरान दूरदर्शन ने लंच के दौरान टेन स्पोर्ट्स के कार्यक्रम न दिखाकर अपना कार्यक्रम 'फ़ोर्थ अंपायर' प्रसारित किया था.
इसके ख़िलाफ़ टेन स्पोर्ट्स ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में टेन स्पोर्ट्स और दूरदर्शन के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत टेन स्पोर्ट्स ने एक दिवसीय मैचों के प्रसारण के अधिकार कई शर्तों सहित दूरदर्शन को देना स्वीकार किया था.
इसके लिए दूरदर्शन ने टेन स्पोर्ट्स को 15 करोड़ रुपए की फ़ीस देना स्वीकार किया था.
टेन स्पोर्ट्स के पास भारत-पाकिस्तान के बीच खेली जा रही क्रिकेट श्रृंखला के वैश्विक अधिकार हैं.
फ़ैसला
मंगलवार को टेन स्पोर्ट्स के अधिकारियों से प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केएस सरमा ने मुलाक़ात की थी. लेकिन यह मामला सुलझाया नहीं जा सका और टेन स्पोर्ट्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की.
न्यायमूर्ति अशोक भान और न्यायमूर्ति अरुण कुमार के पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई.
प्रसार भारती की ओर से सॉलीसीटर जनरल जीई वाहनवती का तर्क था कि चूंकि लंच के समय खेल नहीं चल रहा होता है इसलिए यह सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का उल्लंघन नहीं है.
टेन स्पोर्ट्स के वकील पीएच पारिख ने बीबीसी से हुई बात में कहा कि दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को प्रसार भारती ने दूसरे ढंग से पढ़ लिया था.
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि मैच शुरु होने से लेकर ख़त्म होने तक दूरदर्शन अपना कोई कार्यक्रम प्रसारित नहीं कर सकता.
दूरदर्शन को इससे होने वाले आर्थिक नुक़सान के सवाल पर टेन स्पोर्ट्स के वकील ने कहा कि टेन स्पोर्ट्स को पहले ही पाँच करोड़ रुपए का नुक़सान उठाकर दूरदर्शन को प्रसारण का अधिकार दे रहा है.