बुधवार, 01 फ़रवरी, 2006 को 03:00 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने कराची टेस्ट के चौथे दिन ही भारत को 341 रनों के बड़े अंतर से हराकर टेस्ट और सिरीज़ जीत ली है. लाहौर और फ़ैसलाबाद के टेस्ट ड्रॉ रहे थे.
रनों के हिसाब से ये पाकिस्तान की सबसे बड़ी टेस्ट जीत है. इससे पहले रनों के हिसाब से पाकिस्तान की सबसे बड़ी जीत श्रीलंका के ख़िलाफ़ थी. जब उसने 1994 में श्रीलंका को कोलंबो टेस्ट में 301 रन से हराया.
जबकि इसी हिसाब से ये भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है. वर्ष 2004 में ऑस्ट्रेलिया ने नागपुर टेस्ट में भारत को 342 रनों से हराया था.
1987 के बाद पाकिस्तान ने भारत से पहली बार टेस्ट सिरीज़ जीती है. वैसे 1999 में भी उसने भारत को टेस्ट सिरीज़ में हराया था. लेकिन वह एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप के अंतर्गत थी.
विकेटकीपर कामरान अकमल को मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया. कामरान ने पहली पारी में शानदार शतक लगाया था. जबकि मैन ऑफ़ द सिरीज़ का पुरस्कार मिला यूनुस ख़ान को.
कराची टेस्ट में पाकिस्तान ने दूसरी पारी में भारत को जीत के लिए 607 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन भारत की टीम इस विशाल लक्ष्य का दबाव झेल नहीं पाई और पूरी टीम 265 रन बनाकर आउट हो गई.
भारत की ओर से युवराज सिंह ने सर्वाधिक 122 रन बनाए. लेकिन दूसरी पारी उनके अकेले संघर्ष की कहानी बन कर रह गई. उनका साथ निभाने वाला कोई नहीं था.
सौरभ गांगुली ने ज़रूर उनके साथ अच्छी साझेदारी की. लेकिन उनके आउट होते ही कोई और खिलाड़ी उनका साथ नहीं दे पाया.
पाकिस्तान की ओर से अब्दुल रज़्ज़ाक़ ने दूसरी पारी में चार विकेट लिए. मोहम्मद आसिफ़ ने तीन महत्वूर्ण विकेट चटकाए. कनेरिया को दो और शोएब को एक विकेट मिला.
इससे पहले पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 599 रन बनाकर समाप्त घोषित कर दी थी. पाकिस्तान को पहली पारी के आधार पर सात रनों की बढ़त हासिल हुई थी.
कप्तान राहुल द्रविड़ पहले ही ओवर में सिर्फ़ दो रन बनाकर शोएब अख़्तर की गेंद पर आउट हो गए. दूसरे ओवर में मोहम्मद आसिफ़ की एक बेहतरीन गेंद पर वीरेंदर सहवाग भी बोल्ड हो गए. उन्होंने चार रन बनाए.
उस समय भारत का स्कोर था दो विकेट पर आठ रन. वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर ने भारतीय पारी संभालने की कोशिश की.
लेकिन लंच के बाद वीवीएस लक्ष्मण भी 21 रन बनाकर मोहम्मद आसिफ़ की गेंद पर बोल्ड हो गए. लक्ष्मण और सचिन ने तीसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े.
इसके बाद सचिन तेंदुलकर का साथ देने उतरे सौरभ गांगुली. लेकिन जल्द ही सचिन भी मोहम्मद आसिफ़ की गेंद पर चकमा खा गए और बोल्ड हो गए. सचिन ने 26 रन बनाए.
सचिन के आउट होने के बाद युवराज सिंह और सौरभ गांगुली के बीच अच्छी साझेदारी हुई. गांगुली ने 37 रन बनाए और उनका विकेट मिला अब्दुल रज़्ज़ाक़ को.
गांगुली और युवराज सिंह ने पाँचवें विकेट के लिए 103 रनों की साझेदारी की. गांगुली के आउट होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी 18 रन बनाकर अब्दुल रज़्ज़ाक़ की गेंद पर आउट हो गए.
इसके बाद इरफ़ान पठान भी ज़्यादा देर तक नहीं टिक पाए और अब्दुल रज़्ज़ाक़ का तीसरा शिकार बने.
अनिल कुंबले के रूप में भारत का आठवाँ विकेट गिरा. कुंबले ने पाँच रन बनाए. उनका विकेट दानिश कनेरिया को मिला. ज़हीर ख़ान 10 रन बनाकर आउट हुए.
इससे पहले कराची में हो रहे तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों की धुआँधार बल्लेबाज़ी के बाद अपनी दूसरी पारी 599 रनों पर घोषित कर दी थी.
पाकिस्तान की पारी
कराची टेस्ट के चौथे दिन पाकिस्तान ने पाँच विकेट पर 511 रन से आगे खेलना शुरू किया. अब्दुल रज़्ज़ाक़ और फ़ैसल इक़बाल ने आक्रमक बल्लेबाज़ी जारी रखी.
दोनों खिलाड़ी स्कोर को 598 रनों तक ले गए. इसी स्कोर पर फ़ैसल इक़बाल 139 रन बनाकर ज़हीर ख़ान की गेंद पर तेंदुलकर के हाथों कैच आउट हो गए.
फ़ैसल इक़बाल और अब्दुल रज़्ज़ाक़ के बीच छठे विकेट की साझेदारी में 196 रनों की साझेदारी हुई. साझेदारी टूटते ही रज़्ज़ाक़ भी ज़्यादा देर तक नहीं टिक पाए.
रज़्ज़ाक 90 रन बनाकर अनिल कुंबले की गेंद पर युवराज सिंह के हाथों कैच आउट हुए. उस समय पाकिस्तान का स्कोर था 599 रन.
रज़्ज़ाक़ के आउट होते ही कप्तान यूनुस ख़ान ने दूसरी पारी समाप्त घोषित कर दी थी और भारत के सामने जीत के लिए 607 रनों का लक्ष्य रखा.
पाकिस्तान की दूसरी पारी में फ़ैसल इक़बाल के अलावा मोहम्मद यूसुफ़ ने 97, कप्तान यूनुस ख़ान ने 77 रनों की पारी खेली.
जबकि शाहिद अफ़रीदी ने 60, इमरान फ़रहत ने 57 और सलमान बट ने 53 रन बनाए. भारत की ओर से अनिल कुंबले ने तीन विकेट लिए. जबकि ज़हीर ख़ान, इरफ़ान पठान, रुद्र प्रताप सिंह और सौरभ गांगुली को एक-एक विकेट मिले.
पाकिस्तान ने पहली पारी में 245 और भारत ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे.