शनिवार, 28 जनवरी, 2006 को 12:57 GMT तक के समाचार
इंग्लैंड ने भारत के दौरे के लिए अपनी टीम में मोंटी पनेसर को 16वें खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया गया है. पनेसर इंग्लैंड टीम में चुने जानेवाले पहले सिख खिलाड़ी हैं.
बाएँ हाथ के स्पिनर पनेसर ने पिछले साल इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट सत्र में काफ़ी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था. उन्होंने अमनप्रीत सिंह से पंजाबी में बातचीत की.
आप कब से क्रिकेट खेल रहे हैं?
मैं दस साल का था तभी से क्रिकेट खेल रहा हूँ. फिर धीरे-धीरे मेरी रूचि क्रिकेट में बढ़ती चली गई और मैने एक पूर्ण क्रिकेटर बनने की ठान ली.
भारत में क्रिकेट का काफी जुनून है इसलिए युवा वर्ग क्रिकेटर बनने की चाह रखता है, लेकिन वहाँ इंग्लैंड में आपको क्रिकेटर बनने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
मैं ल्यूटन में रहता हूँ और यहाँ एक स्थानीय क्लब में कभी-कभी क्रिकेट खेलने जाता था. क्लब के खिलाड़ियों में क्रिकेट के प्रति काफी जुनून था. वे हर रविवार की सुबह अभ्यास के लिए इकट्ठे होते थे.
धीरे-धीरे मैंने भी उनके साथ खेलना शुरू कर दिया और मेरा भी क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ता चला गया.
आज जो क्रिकेट खेली जा रही है उसमें बल्लेबाज़ों का बोलबाला रहता है, तो ऐसे में आपने गेंदबाज़ बनने की क्यों सोची और वह भी स्पिनर.
मैं पहले तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहता था. और जब मैं 15 वर्ष का हुआ तो एक बार स्पिन गेंदबाज़ी भी करने की कोशिश की.
उसके बाद मेरे कोच ने मुझे सुझाव दिया कि मुझे स्पिन गेंदबाज़ी की ओर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए. और फिर धीरे-धीरे मैंने एक स्पिनर के तौर पर मैच खेलने शुरू किए.
भारतीय क्रिकेटर स्पिन गेंदबाज़ी खेलने के माहिर माने जाते हैं. ऐसे में एक स्पिनर के तौर पर भारतीय बल्लेबाजों के प्रति आपकी क्या रणनीति रहेगी?
मेरे लिए निश्चित रूप से ये एक बड़ी चुनौती होगी. भारत के बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों ही सशक्त हैं और भारत में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ भी स्पिन गेंदबाज़ी खेलने में दिक्कत महसूस करते हैं.
पर मैं ज़्यादा ध्यान अपनी गेंदबाज़ी की ओर ही रखने की कोशिश कर रहा हूँ. और इसी पर मेरी सफलता निर्भर करती है. अगर मुझे खेलने का मौका मिला तो उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकूंगा.
विश्व क्रिकेट में आप किस खिलाड़ी को अपना आर्दश मानते हैं.
मेरे ही क्लब में माइक हसी और मैथ्यू हैडन खेला करते थे. अब वो ऑस्ट्रेलिया की टीम में खेलते हैं. मैं उनसे बहुत प्रभावित हूँ. लेकिन बचपन से मैंने सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श माना है.
भारतीय टीम जब इंग्लैंड में खेलती है तो वहाँ स्थित भारतीय इंडियन क्रिकेट टीम की हौसला अफजाई करती है. और आप जब भारत के ख़िलाफ़ खेलेंगे तो आपका परिवार इंग्लैंड टीम को समर्थन करेगा या भारतीय टीम को?.
मेरे पिता शुरू से ही इंग्लैंड की क्रिकेट टीम का समर्थन करते रहे हैं और जब ऐशेज़ सीरिज़ में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था तो हम सबने बहुत खुशी मनाई थी.
अब चाहे मेरी पृष्ठभूमि भारतीय है लेकिन फिर भी इंग्लैंड क्रिकेट टीम का सदस्य होने के नाते मेरे घर वाले इंग्लैंड टीम का समर्थन करेंगे.