शुक्रवार, 20 जनवरी, 2006 को 16:03 GMT तक के समाचार
मलय नीरव
खेल संवाददाता
भारत और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच शनिवार से फ़ैसलाबाद में शुरू हुआ तो एक सवाल कौंधा कि क्या इस टेस्ट का कोई फ़ैसला हो पाएगा?
बादलों के साथ आँख मिचौली के खेल और गेंदबाज़ों की अनवरत धुनाई की यादें लिए जब दोनों देशों की टीमें फ़ैसलाबाद पहुँची तब भी सबके मुँह पर एक ही सवाल था - क्या फ़ैसलाबाद में फ़ैसला हो पाएगा?
फ़ैसलाबाद के इक़बाल स्टेडियम की पिच का मिज़ाज बहुत कोशिशों के बाद भी लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच से मिलता जुलता नज़र आ रहा है.
क्यूरेटर आग़ा ज़ाहिद की आस सूरज की किरणों पर टिकी है. अगर धूप खिली रही तो मैच में जान आ जाएगी.
फ़िलहाल बल्लेबाज़ों के लिए फ़ैसलाबाद की विकेट पर रनों की बौछार की पूरी गुँजाईश दिखती है.
द्रविड़ की रणनीति
भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि हर घंटा और हर सेशन इस मैच में महत्त्वपूर्ण होगा. इसलिए ग़लतियाँ नहीं करनी होंगी.
अपने गेंदबाज़ों को उन्होंने एक बार फिर अच्छी बैटिंग पिच से पैदा होने वाली चुनौतियों की याद दिलाई.
पाकिस्तान की तैयारी
उधर पाकिस्तानी टीम के कोच बॉब वूल्मर ने ये ज़रूर कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी फ़िट हैं लेकिन अफ़वाहों के गरमाते बाज़ार में कप्तान इंज़मामुल हक़ की पीठ की तकलीफ और शोएब अख़्तर की टखने की चोट की चर्चा जारी है.
मोहम्मद समी की जगह मोहम्मद आसिफ को टीम में शामिल किए जाने की संभावना पर भी समीक्षकों ने चाय की कई प्यालियाँ गटक डालीं.
बहरहाल फ़ैसलाबाद में पिछले चार मैचों में तीन मैच हार जीत के फ़ैसले के बिना ही खत्म हुए हैं.
और इस फ़ैसलाबाद टेस्ट में भारतीय टीम के 16 में से 15 खिलाड़ियों ने पहले कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है.
जो खिलाड़ी अपवाद हैं, वो हैं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर जिन्होंने यहीं अपने टेस्ट जीवन का पहला अर्धशतक यहाँ जड़ा था.
अब देखना है कि क्या गुल खिलाते हैं सचिन और उनके साथी इक़बाल स्टेडियम की पिच पर.