गुरुवार, 19 जनवरी, 2006 को 01:03 GMT तक के समाचार
ज़िम्बाब्वे के अंतरिम क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि उसकी टीम इस साल टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेगी. इसी महीने ज़िम्बाब्वे की सरकार ने क्रिकेट बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था.
ज़िम्बाब्वे के अंतरिम क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि टीम के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए यह फ़ैसला किया गया है कि इस साल टीम टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेगी.
लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट किया कि टीम एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलती रहेगी. बोर्ड की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "ज़िम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड अब एक अच्छी टीम बनाने के लिए एक कार्यक्रम शुरू कर रहा है. बोर्ड टेस्ट खेलने वाले अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ मिलकर काम करेगा."
राजधानी हरारे में बुधवार को अंतरिम बोर्ड की बैठक में टेस्ट मैच न खेलने का फ़ैसला किया गया. पिछले साल नवंबर से ही क्रिकेट खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच मतभेद चल रहे थे.
लेकिन सरकार के क्रिकेट बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेने के बाद खिलाड़ियों ने अपनी हड़ताल पर 31 जनवरी तक के लिए रोक लगा दी थी.
खिलाड़ियों को ये भरोसा दिया गया था कि अनुबंध को लेकर उनकी आशंकाओं का हल निकालने की कोशिश की जाएगी.
लेकिन खिलाड़ियों के प्रतिनिधि क्लाइव फ़ील्ड ने कहा है कि उन्हें भरोसा नहीं कि 31 जनवरी तक मामले का निपटारा हो जाएगा.
विवाद उस समय शुरू हुआ जब तटेंडा टाएबू ने कप्तान पद से इस्तीफ़ा दे दिया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी.
ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के चेयरमैन पीटर चिंगोका और प्रबंध निदेशक ओज़ियास बयूटे से तो पुलिस ने अनियमितताओं के आरोप में पूछताछ भी की. कुछ खिलाड़ियों से भी पूछताछ हुई थी.
हाल के दिनों में ज़िम्बाब्वे का क्रिकेट रिकॉर्ड भी काफ़ी ख़राब रहा है और पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सात में उसकी हार हुई जबकि 28 में से 26 वनडे में भी उसे हार का मुँह देखना पड़ा.