गुरुवार, 15 दिसंबर, 2005 को 21:31 GMT तक के समाचार
भारत के केंद्रीय कृषि मंत्री और क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष शरद पवार ने पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली को क्रिकेट टीम से बाहर किए जाने पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है.
ग़ौरतलब है कि सौरभ गांगुली को भारतीय टीम में जगह नहीं दिए जाने के विरोध में पश्चिम बंगाल सहित कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
शरद पवार ने गुरूवार को कहा कि यह चयनकर्ताओं का फ़ैसला था और इसमें किसी और का कोई दख़ल नहीं था.
उन्होंने कहा कि वह चयन प्रक्रिया के बारे में एक-दो दिन में चयनकर्ताओं से बातचीत करेंगे.
शरद पवार ने हालाँकि कहा, "एक क्रिकेट प्रशंसक होने के नाते मुझे गांगुली को भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने से अफ़सोस हुआ है और झटका लगा है. दिल्ली टेस्ट में उनका प्रदर्शन संतोषजनक था."
"इसके अलावा सौरभ गांगुली एक विजेता कप्तान रहे हैं और हम उन पर गर्व महसूस करते हैं."
शरद पवार ने इन आरोपों का खंडन किया कि गांगुली को टीम से बाहर करने के पीछे राजनीति का हाथ था.
ग़ौरतलब है कि दिल्ली टेस्ट में जीत के बाद बुधवार को तीसरे और आख़िरी टेस्ट के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई थी.
टेस्ट टीम में मुंबई के सलामी बल्लेबाज़ वसीम जाफ़र को सौरभ गांगुली की जगह टीम में शामिल किया गया था.
गांगुली ने दिल्ली टेस्ट की पहली पारी में 40 और दूसरी पारी में 39 रन बनाए थे. एक दिवसीय टीम से पहले ही गांगुली की छुट्टी हो चुकी है.
श्रीलंका और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिल पाई थी.