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शनिवार, 10 दिसंबर, 2005 को 10:42 GMT तक के समाचार

विश्व चैम्पियन के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड जीत

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ आख़िरी एक दिवसीय मैच में 331 रन बनाने के बाद विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने ये सोचा न होगा कि न्यूज़ीलैंड ये मैच जीत जाएगा.

लेकिन कहते हैं न कि क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है. न्यूज़ीलैंड ने वही कर दिखाया. न्यूज़ीलैंड ने दो विकेट से जीत तो हासिल की ही और वो भी 49वें ओवर में ही यानी अभी छह गेंद और बचे थे.

क्राइस्टचर्च में स्कॉट स्टाइरिस के शानदार शतक और आख़िरी मौक़े पर ब्रैंडन मैकुलम के धमाकेदार शतक की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया के 331 रनों का पीछा करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की.

आज तक किसी भी देश ने इतने बड़े स्कोर का पीछा करते हुए जीत नहीं हासिल की है. इस जीत के बावजूद न्यूज़ीलैंड सिरीज़ तो नहीं जीत सका. लेकिन उसका सफ़ाया नहीं हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सिरीज़ 2-1 से जीती.

न्यूज़ीलैंड की इस विश्व रिकॉर्ड जीत में स्टाइरिस ने सिर्फ़ 96 गेंद पर 101 रन बनाए. जबकि आख़िरी क्षण में मैकुलम ने 25 गेंद पर तीन चौके और चार छक्कों की बदौलत 50 रन बना डाले.

वेटोरी ने 12 गेंद पर 23 और ओर्रम ने 37 गेंद पर 42 रन बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई. स्टाइरिस को उनकी शानदार पारी के कारण मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.

ऑस्ट्रेलिया

इससे पहले न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतारा. ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ़ सात रन पर पहले दो विकेट गँवा दिए थे.

लेकिन कप्तान रिकी पोंटिंग और ब्रैड हॉज ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़कर अपनी टीम को अच्छी स्थिति में पहुँचाया. पोंटिंग ने 75 रन बनाए.

लेकिन पिछले मैच में शानदार शतक लगाने वाले एंड्रयू साइमंड्स सिर्फ़ एक रन बनाकर चलते बने और ब्रैड हॉज भी 59 रन बनाकर आउट हो गए.

इसके बाद मोर्चा संभाला माइकल क्लार्क और माइक हुसी ने. दोनों ने छठे विकेट के लिए 82 रन जोड़े. पहले आउट हुए क्लार्क जिन्होंने 71 रन बनाए. लेकिन हुसी ने बेहतरीन पारी खेलते हुए 88 रन बनाए और नाबाद रहे.

आख़िरी ओवरों में ब्रैकेन ने भी अपने हाथ दिखाए और नाबाद 21 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में सात विकेट पर 331 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि न्यूज़ीलैंड की टीम इससे भी पार पा जाएगी.