मंगलवार, 06 दिसंबर, 2005 को 10:31 GMT तक के समाचार
बारिश से प्रभावित होकर पहले से ही नीरस हो गया चेन्नई टेस्ट अंत में ड्रॉ ही हो गया.
भारतीय बल्लेबाज़ी पहले ही बिखर गई थी और उसके सभी खिलाड़ी सिर्फ़ 167 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए.
भारतीय खिलाड़ी सिर्फ़ 72.2 ओवरों का ही सामना कर सके.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का यह सबसे कम स्कोर था.
श्रीलंका के चामिंडा वास ने 21 ओवर में 20 रन देकर चार विकेट गिराए और अब उन्हें टेस्ट मैचों में 300 विकेट लेने का गौरव हासिल करने के लिए सिर्फ़ दो और विकेटों की ज़रूरत होगी.
महेला जयवर्धने ने बेहतरीन 71 रन बनाए और खेल ख़त्म होने के समय श्रीलंका ने चार विकेट के नुक़सान पर ही 168 रन बना लिए थे.
पहले तीन दिन का खेल बारिश में ही धुल गया था और सोमवार को सिर्फ़ साढ़े बत्तीस ओवर का ही खेल हो सका था और ऐसे में किसी भी टीम के लिए कोई बेहतर संभावनाएँ नहीं बची थी.
लेकिन मंगलवार को संचिन तेंदुलकर के लिए मौक़ा था कि वे 35वें टेस्ट में रिकॉर्ड शतक लगा सकते थे लेकिन उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को निराश किया.
मुक़ाबला फीका
सचिन तेंदुलकर सिर्फ़ 22 रन ही बना सके. उससे पहले राहुल द्रविड़ भी 32 रन बनाकर पवेलियन लौट चुके थे.
जब तेंदुलकर आउट हुए तो टीम का स्कोर 108 था और चामिंडा वास और उनके साथी खिलाड़ियों को भारतीय बल्लेबाज़ों से कोई ख़ास मुक़ाबला नहीं बचा था.
इरफ़ान पठान को मुरलीधरन ने बिना खाता खोले ही चलता कर दिया. अजित अगरकर भी चार रन बनाकर रन आउट हुए.
टेस्ट के पाँचवें और आख़िरी दिन भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ जल्द ही आउट हो गए. द्रविड़ का विकेट भी वास को मिला. द्रविड़ ने 32 रन बनाए और वास की गेंद पर संगकारा ने उनका कैच लपका.
लगातार हुई बारिश के कारण भारत और श्रीलंका के बीच चेन्नई टेस्ट के पहले तीन दिनों का खेल बिल्कुल नहीं हो पाया था.
चौथे दिन का खेल देर से शुरू हुआ और ख़राब रोशनी के कारण सिर्फ़ 33 ओवर का ही खेल हो पाया था. चौथे दिन के खेल की समाप्ति तक भारत ने दो विकेट पर 90 रन बनाए थे.
राहुल द्रविड़ 30 और सचिन तेंदुलकर 11 रन बनाकर खेल रहे थे. जबकि सलामी बल्लेबाज़ के रूप में उतरे गौतम गंभीर अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे.
और वीरेंदर सहवाग ने वनडे शैली में खेलते हुए फटाफट 36 रन बनाए और पवैलियन लौट गए. इन दोनों का विकेट भी वास को ही मिला था.
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट शनिवार को दिल्ली में शुरू होगा.
निराश किया सचिन ने
लेकिन लोगों को उम्मीद थी कि इस नीरस चेन्नई टेस्ट में अगर सचिन तेंदुलकर शतक लगा लेते हैं तो उनके पैसे वसूल हो जाएँगे.
सचिन तेंदुलकर सुनील गावसकर के रिकॉर्ड 34 शतकों की बराबरी कर चुके हैं और सर्वाधिक टेस्ट शतक का रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए उन्हें एक और शतक की आवश्यकता है.
चेन्नई टेस्ट में सचिन ने शुरू से ही काफ़ी धीमी पारी खेली और आख़िर में 126 गेंद में 22 रन बनाकर मुरलीधरन के शिकार बने.
वैसे इस टेस्ट से सबसे ज़्यादा आस सौरभ गांगुली से थी. क्योंकि उन पर टेस्ट टीम में अपना स्थान बनाए रखने का दबाव था.
वनडे टीम से तो उनकी छुट्टी हो ही चुकी है और टेस्ट टीम में भी कई खिलाड़ी स्थान लेने को उतारू हैं. लेकिन सौरभ ने भी निराश किया और सिर्फ़ पाँच रन बनाकर आउट हो गए.
भारत ने हाल ही में श्रीलंका को सात एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ में 6-1 से मात दी थी. लेकिन श्रीलंका का कहना है कि वह बीती बातों को भूलकर नए सिरे से भारत से निपटने के लिए तैयार है.
दूसरी ओर श्रीलंका को बड़े अंतर से हराने और दक्षिण अफ़्रीका जैसी मज़बूत टीम से सिरीज़ 2-2 से बराबर करने के बाद भारत के हौसले बुलंद है.
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट 10 से 14 दिसंबर तक नई दिल्ली में खेला जाएगा जबकि तीसरा और आख़िरी टेस्ट 18-22 दिसंबर तक अहमदाबाद में खेला जाना है.