गुरुवार, 17 नवंबर, 2005 को 23:41 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने अपने उत्तराधिकारी राहुल द्रविड़ की बड़ाई करते हुए कहा है कि टीम में चुने जाने पर वे किसी भी भूमिका के लिए तैयार हैं.
गुरूवार को अपने घरेलू शहर कोलकाता में अभ्यास के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे फ़िलहाल घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं और और अपनी फ़िटनेस पर ध्यान दे रहे हैं.
वापसी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,"मैंने दिलीप ट्रॉफ़ी में 14-15 विकेट लिए हैं और एक शतक भी लगाया है. मैं किसी भी भूमिका में खेलने के लिए तैयार हूँ".
गांगुली से भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रणबीर सिंह महिंद्रा की इस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया माँगी गई कि सौरभ गांगुली के लिए भारतीय टीम के दरवाज़े बंद नहीं हुए हैं.
गांगुली ने महिंद्रा के बयान पर कहा,"मैं इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं करना चाहता. मैं केवल रन बनाना चाहता हूँ लेकिन हाँ ऐसी हौसला बढ़ानेवाली बातों से खुशी मिलती है".
पत्रकारों से बातचीत करते हुए गांगुली ने पूरा प्रयास किया कि वे किसी ऐसे बयान से बचें जिससे विवाद खड़ा हो सकता हो.
लेकिन उन्होंने अपने खेल के बारे में की जानेवाली ऐसी टिप्पणियों का जवाब ज़रूर दिया कि शॉर्ट पिच गेंदों या विकेट पर काफ़ी पहले टप्पा खानेवाली गेंदों को खेलना उनके लिए मुश्किल होता है.
गांगुली ने कहा,"हर बल्लेबाज़ की कोई ना कोई कमज़ोरी होती है. लेकिन उस कमज़ोरी के बावजूद अगर किसी बल्लेबाज़ ने 14-15 हज़ार रन बनाए हों तो मुझे लगता है किसी को शिकायत नहीं करनी चाहिए".
गांगुली ने ये भी कहा कि वे इस बात के पक्ष में हैं कि किसी टीम के चयन में केवल योग्यता को ही आधार बनाया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा,"ये केवल सौरभ, द्रविड़ या सचिन की बात नहीं है, सभी खिलाड़ियों को टीम में आने के लिए अच्छा खेलना होगा".
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहले तीन एक दिवसीय मैचों के लिए चुनी गई टीम में गांगुली को जगह नहीं मिल सकी है.
पाँच वन डे मैचों की श्रृंखला का दूसरा मैच शनिवार को बंगलौर में होना है. हैदराबाद में पहला वन डे दक्षिण अफ़्रीका ने पाँच विकेट से जीत लिया था.