रविवार, 13 नवंबर, 2005 को 21:16 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चित महेंद्र सिंह धोनी को लेकर क्या दक्षिण अफ़्रीका की टीम चिंतित है? टीम के कोच मिकी ऑर्थर की माने को चिंता की कोई बात नहीं.
तो क्या धोनी की धमाकेदार पारी को लेकर दक्षिण अफ़्रीकी कैंप बिल्कुल शांत है. ऐसा बिल्कुल नहीं. दक्षिण अफ़्रीका की टीम इस नवजात स्टार से पार पाने की तैयारी में जुटी है.
तैयारी इतनी पुष्ट कि धोनी के ख़िलाफ़ टीम रणनीति बनाने में जुटी है. ऑर्थर कहते हैं, "हमने धोनी की तकनीक का अध्ययन किया है और हमारे पास उनके ख़िलाफ़ योजना भी है."
लेकिन ऑर्थर ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि योजना तो बनी है लेकिन वह कितनी सफल होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा. यानी ऊपर से न सही अंदर ही अंदर धोनी का भय तो टीम को सता ही रहा है.
धोनी टीम के विकेटकीपर हैं और तीन से सात- किसी भी नंबर पर बल्लेबाज़ी करने में सक्षम हैं. श्रीलंका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में उन्हें नंबर तीन पर आज़माया गया और एक बार तो उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए 183 रन बना डाले.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ सात मैचों की सिरीज़ में धोनी ने कुल 346 रन बनाए और भारतीय जीत में प्रमुख भूमिका निभाई. उन्हें मैन ऑफ़ द सिरीज़ का पुरस्कार भी मिला.
ऑर्थर ने सचिन तेंदुलकर की भी सराहना की और कहा, "सचिन तेंदुलकर का फ़ॉर्म में लौटना भी भारत के लिए शुभ साबित हुआ है क्योंकि वे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं."
उन्होंने कोच ग्रेग चैपल और कप्तान राहुल द्रविड़ की सराहना की और कहा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं. ऑर्थर ने कहा कि वे भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम का सम्मान करते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम भारत में जीतने को लेकर नाउम्मीद हैं.