शनिवार, 12 नवंबर, 2005 को 18:56 GMT तक के समाचार
भारत ने वडोदरा में हुए सातवें एक दिवसीय मैच में श्रीलंका को पाँच विकेट से हराकर सात मैचों की सिरीज़ 6-1 से जीत ली है.
इरफ़ान पठान के ऑलराउंड प्रदर्शन और महेंद्र सिंह धोनी की धमाकेदार बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत के लिए ये जीत आसान रही.
भारत ने 245 रनों का लक्ष्य 39.3 ओवर में ही हासिल कर लिया. इरफ़ान पठान को मैन ऑफ़ द मैच और धोनी को मैन ऑफ़ द सिरीज़ घोषित किया गया.
इस सिरीज़ में भारत के शानदार प्रदर्शन का सम्मान करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय टीम को 50 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की.
भारत की ओर से धोनी इस सिरीज़ की खोज साबित हुए. लेकिन सबसे अच्छी बात रही कई खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन. वो चाहे कप्तान राहुल द्रविड़ हों, सचिन तेंदुलकर हों, गौतम गंभीर हों या सुरेश रैना हों, इरफ़ान पठान हों या फिर आरपी सिंह.
ज़िम्बाब्वे सिरीज़ के बाद कप्तानी की ज़िम्मेदारी राहुल द्रविड़ को सौंपी गई थी और उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को श्रीलंका जैसी मज़बूत टीम के ख़िलाफ़ शानदार जीत दिलाई.
भारतीय पारी
वडोदरा में भारत को 50 ओवर में जीत के लिए 245 रन चाहिए थे. भारत ने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के साथ शानदार शुरुआत की.
दोनों ने धमाकेदार शॉट लगाए लेकिन पहले आउट हुए सहवाग, जिन्होंने 24 गेंद पर 35 रन बनाए. इस बार तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए उतारा गया इरफ़ान पठान को.
अपने गृह नगर में खेल रहे इरफ़ान ने पहले गेंदबाज़ी में कमाल दिखाने के बाद बल्ले से भी दर्शकों को निराश नहीं किया और फटाफट 35 रन बनाए.
सचिन तेंदुलकर ने शांत किंतु सधी हुई पारी खेली और 39 रन बनाकर एक बार फिर धीमी गेंद के आगे चकमा खा गए. मोहम्मद कैफ़ ने इस मैच में निराश किया और 13 रन बनाकर आउट हो गए.
फिर धोनी और कप्तान राहुल द्रविड़ ने भारत को जीत के दरवाज़े तक पहुँचा दिया. पाँचवें विकेट के लिए दोनों के बीच 83 रनों की साझेदारी हुई.
जब जीत के लिए सिर्फ़ पाँच रन चाहिए थे धोनी छक्का लगाने की कोशिश में आउट हो गए. बाद में जीत की औपचारिकता चौका लगाकर कप्तान द्रविड़ ने पूरी की.
श्रीलंका की ओर से एन ज़ोयसा ने दो विकेट लिए. फ़र्नांडो, दिलशान और चंडाना को एक-एक विकेट मिले.
श्रीलंका की पारी
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. जयसूर्या के बिना मैदान में उतरी श्रीलंका की टीम की शुरुआत ख़राब रही और उसके दो विकेट सिर्फ़ 20 रन पर गिर गए.
बाद में श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज़ों के योगदान के कारण ही श्रीलंका 244 के स्कोर तक पहुँच पाया. महेला जयवर्धने ने 20 रन बनाए.
कुमार संगकारा ने 32 और कप्तान मर्वन अटापट्टू ने 59 रनों का योगदान दिया. लेकिन सबसे ज़्यादा 68 रन बनाए रसेल अर्नाल्ड ने.
इसके अलावा वॉस ने 11 रन बनाए और बाक़ी के बल्लेबाज़ों का आँकड़ा तो दो अंकों तक भी नहीं पहँच पाया. हाँ, भारतीय गेंदबाज़ों ने ज़रूर 29 रन अतिरिक्त के रूप में दिए.
श्रीलंका की टीम ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 244 रन बनाए. भारत की ओर से आरपी सिंह और इरफ़ान पठान ने तीन-तीन विकेट लिए. अजित अगरकर को दो और मुरली कार्तिक को एक विकेट मिला.