मंगलवार, 25 अक्तूबर, 2005 को 03:43 GMT तक के समाचार
एकदिवसीय सिरीज़ के पहले मैच में भारत के 350 रनों के विशाल स्कोर के सामने श्रीलंका की टीम भरभराकर गिर पड़ी और उसकी 152 रनों से करारी हार हुई है.
श्रीलंका की पूरी टीम छत्तीसवें ओवर में ही 198 रन बनाकर आउट हो गई.
इस तरह भारत के नए कप्तान राहुल द्रविड़ की शुरुआत जीत के साथ हुई है.
श्रीलंका की टीम सात एकदिवसीय मैचों की सीरिज़ के लिए भारत दौरे पर है और पहला एकदिवसीय मैच नागपुर में हुआ.
भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया और शानदार और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका के सामने 351 रनों का लक्ष्य रखा.
लेकिन श्रीलंका की पारी शुरुआत से ही कमज़ोर रही और इरफ़ान पठान ने अटापट्टू को एक रन के निजी स्कोर पर पेवेलियन भेज दिया. उस समय श्रीलंका का स्कोर 10 रन था.
श्रीलंका की पारी को संगकारा और जयसूर्या ने पारी को संभालने की कोशिश की और 64 रनों की साझीदारी निभाई लेकिन हरभजन सिंह की फिरकी पर जयसूर्या को 42 रनों के स्कोर पर द्रविड़ ने लपक लिया.
ग्यारहवें ओवर में श्रीलंका को एक और झटका लगा जब संगकारा को सहवाग ने अपनी ही गेंद पर लपक लिया. उन्होंने 43 रन जोड़े.
इसके बाद तो मानों कतार लग गई और श्रीलंकाई टीम एक के बाद एक खिलाड़ी पेवेलियन लौटने लगे.
बाद के खिलाड़ियों में चमिंडा वास और दिलहारा फर्नांडो ही थोड़ी देर तक विकेट पर टिक सके. वास ने 37 रन बनाए और आख़िर तक आउट नहीं हुए. दिलहारा ने 29 रन बनाए.
तेज़ गेंदबाज़ों की तुलना में भारतीय स्पिनर ज़्यादा सफल रहे. हरभजन सिंह और मुरली कार्तिक ने तीन-तीन विकेट चटकाए.
श्रीसंत ने दो विकेट लिए और सहवाग ने एक विकेट लिया.
भारतीय पारी
सचिन और सहवाग ने भारतीय पारी की शुरूआत की और सहवाग ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में तेज़ गति से रन बनाना शुरू किया लेकिन 20 रन के निजी स्कोर पर वे चमिंडा वास की गेंद पर संगकारा के हाथों लपक लिए गए.
लेकिन इसके बाद इरफ़ान पठान ने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाल लिया.
लंबे समय बाद मैदान पर लौटे सचिन ने दर्शकों का दिल जीतने वाला खेल दिखाया और 96 गेंदों पर 93 रन बनाकर पेवेलियन लौटे.
अपने तयशुदा क्रम से बहुत पहले बल्लेबाज़ी करने आए इरफ़ान पठान ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कप्तान के इस निर्णय को सही साबित किया.
पठान ने एक अच्छे ऑलराउंडर होने का सुबूत देते हुए 70 गेंदों पर 83 रन बनाए जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे.
नए कप्तान राहुल द्रविड़ ने ज़िम्मेदार पारी खेलते हुए 63 गेंदों में 85 रन बनाए और आख़िरी तक आउट नहीं हुए.
सात रन प्रति ओवर की दर से रन बना रहे भारतीय बल्लेबाज़ों के सामने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों की नहीं चली.
दिलशान ही एकमात्र गेंदबाज़ थे जिन्हें दो विकेट मिले, जबकि वास, महारुफ़ और फ़र्नांडो को एक-एक विकेट से ही संतोष करना पड़ा.
जादुई गेंदबाज़ी के लिए मशहूर मुरलीधर को पूरे दस ओवरों में एक भी विकेट नहीं मिल सका. मारूफ़ सबसे महंगे गेंदबाज़ साबित हुए जिन्होंने दस ओवरों में 82 रन दिए.
भारतीय टीम
राहुल द्रविड़ (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग (उपकप्तान), सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, वेणुगोपाल राव, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी, हरभजन सिंह, मुरली कार्तिक, इरफ़ान पठान, अजित अगरकर, जेपी यादव, श्री संत, रुद्र प्रताप सिंह
श्रीलंका टीम
मर्वन अटापट्टू (कप्तान), सनत जयसूर्या, महेला जयवर्धना, कुमार संगकारा, टी दिलशान, यू थरंगा, टी समरवीरा, चमिंडा वॉस, उपुल चंडाना, फ़रवीज़ महारूफ़, रसेल अर्नॉल्ड, दिलहारा फ़र्नांडो, मुथैया मुरलीधरन, डी लोकुहेट्टिगे, एन ज़ोयसा