शुक्रवार, 09 सितंबर, 2005 को 09:31 GMT तक के समाचार
कौन कह सकता है कि सानिया मिर्ज़ा भी कभी विवादों के घेरे में आ सकती हैं. लेकिन इस बार विवाद उठा उनके लिबास को लेकर जिस पर एक मुस्लिम संस्था का कहना था कि वह ग़ैर-इस्लामी है.
हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में सानिया ने इस बारे में पूछे गए सवालों को बड़ी ख़ूबसूरती से टाल दिया.
उनका कहना था कि वह इस बात से बहुत परेशान हैं कि वह जो भी पहनती हैं उस पर बहस छिड़ जाती है.
सानिया का कहना था कि कामयाबी ने उनकी ज़िंदगी का तौर तरीक़ा ही बदल दिया है और अब वह इन बातों से विचलित नहीं होतीं.
बीबीसी के हैदराबाद संवाददातता उमर फ़ारूक़ के मुताबिक सानिया वैसे अपनी अमरीका यात्रा से बहुत ख़ुश हैं और उनका कहना है कि वहाँ उन्हें किसी तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा.
सानिया का कहना था कि अब उनका अरमान नंबर वन की खिलाड़ी बनने का है.
उन्होंने कहा, "इंशाल्लाह यह ज़रूर मुमकिन होगा".
सानिया मिर्ज़ा ने यूएस ओपेन के चौथे राउंड में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बन कर एक इतिहास रच दिया था.
इस राउंड में उन्हें मारिया शरापोवा ने पराजित किया.