गुरुवार, 21 जुलाई, 2005 को 15:18 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पाँच टेस्ट मैचों की बहुचर्चित ऐशेज़ श्रृंखला के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 190 पर ही आउट हो गई जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने दिन का खेल समाप्त होने पर सात विकेट पर 92 रन बनाए थे.
पहला दिन ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा के नाम रहा जिन्होंने पारी के शुरू में ही जल्दी-जल्दी अपने 500 वाँ और 501वाँ विकेट लिए. उन्होंने कुल 21 रन देकर पाँच विकेट लिए.
इससे पहले जब ऑस्ट्रेलियाई पारी खेली जा रही थी तो इंग्लैंड के स्टीव हरमिसन ने भी कमाल दिखाया और उन्होंने 43 रन देकर पाँच विकेट लिए.
लेकिन बाद में मैक्ग्रा ने इंग्लैंड की पारी को शुरू में तो लड़खड़ा ही दिया और चाय के बाद मैच का पासा ही पलट दिया.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी जब बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो कुछ बादल छाए हुए थे लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ियों का बारी पर कुछ धूप निकली हुई थी लेकिन ऐसा लगा कि किसी भी टीम के खिलाड़ियों ने खेल में आनंद नहीं लिया.
वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया लगातार नौवीं बार ऐशेज़ जीतने का दावा कर रहा है जबकि इंग्लैंड भी अपनी धरती पर सालों बाद कड़ी टक्कर देने को तैयार है.
टॉस जीतने के बाद पॉन्टिंग ने कहा कि विकेट में घास है और ये बैटिंग के लिए अच्छी दिखाई दे रही है.
इंग्लैंड के कप्तान ने कहा माइकल वॉन ने कहा कि यदि वे टॉस जीतते तो वे भी यही फ़ैसला करते.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग कहते हैं, “लॉर्ड्स टेस्ट के लिए इंग्लैंड का पाँच ‘ऐशेज़ वर्जिन’ चुनना हमारे लिए वरदान साबित हो सकता है.”
इंग्लैंड ने ऐशेज़ प्रतियोगिता के पहले टेस्ट के लिए ऐसे पाँच खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है जो पहले कभी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच नहीं खेले हैं – इसीलिए पॉन्टिंग उन्हें ‘ऐशेज़ वर्जिन’ कह रहे हैं.
इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन कहते हैं, “ये मेरी युवा टीम के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है और ये दिखा देगी कि ये कहाँ तक जा सकती है. हम आशा करते हैं कि इतिहास बदल डालेंगे.”