बुधवार, 01 जून, 2005 को 18:16 GMT तक के समाचार
भारत के स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने बॉलिंग ऐक्शन को लेकर विवाद में रहे और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से हरी झंडी मिलने वे सरे काउंटी के लिए खेलने जा रहे हैं.
बीबीसी ने हरभजन सिंह के इंग्लैंड पहुँचने के बाद ओवल के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर उनसे बातचीत की.
आईसीसी ने आपके बॉलिंग ऐक्शन की जाँच की, उस पर सवाल उठाए गए, आपको कैसा महसूस हुआ?
मैं बहुत ख़ुश हूँ, मैं अपनी गेंदबाज़ी को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास से भरा हूँ, मैं बहुत ख़ुश हूँ कि अब सब कुछ ठीक है. मैं बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहता हूँ और टीम के लिए सब कुछ करना चाहता हूँ.
मुझे शुरू से ही कोई समस्या नहीं थी क्योंकि मुझे पता था कि मैं कुछ भी ग़लत नहीं कर रहा हूँ. मैंने सारे परीक्षण पास किए और मुझे ख़ुशी है कि अब आईसीसी को कोई ऐतराज़ नहीं है.
ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने मेरे चारों ओर 12 कैमरे लगाए, वे देखना चाह रहे थे कि मैं कितना झुक रहा हूँ, मेरे हाथ कितने मुड़ रहे हैं वग़ैरह. लेकिन अब मैं इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोचना चाहता, मैं सरे की टीम के लिए अपने खेल पर ध्यान देना चाहता हूँ. वैसे भी काफ़ी लंबे समय बाद मैं क्रिकेट खेलूँगा.
मैं भारतीय क्रिकेट बोर्ड का बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि उसने विवाद के दौरान मेरा साथ दिया. मैं उम्मीद करता हूँ कि अब ऐसा विवाद फिर नहीं उठेगा.
काउंटी क्रिकेट को लेकर आप कितने उत्साहित हैं, 2003 में चोट लगने के कारण आप लैंकशर के लिए नहीं खेल पाए थे?
मैंने यहाँ कई लोगों को खेलते हुए देखा है, उनके खेल से बहुत कुछ सीखा है, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और शेन वॉर्न से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है. ये लोग मेरे रोल मॉडल रहे हैं, यहाँ आकर सरे के लिए खेलने के बाद ये लोग पूरी तरह बदल गए.
पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर लोग चाहते हैं कि आप बेहतर प्रदर्शन करें, मुझे आशा है कि सरे के लिए खेलने के बाद मैं एक बेहतर क्रिकेटर बन सकूँगा.
सरे जैसी टीम के लिए ओवल के मैदान पर खेलना कैसा लग रहा है?
मुझे ओवल का मैदान बहुत पसंद है, यहाँ मैंने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है, मैं स्टीव (सरे के कोच स्टीव रिक्सन) का शुक्रगुज़ार हूँ. वे बहुत ही मददगार रहे हैं, मैं चाहता हूँ कि मैं इन लोगों को ऐसा तोहफ़ा देना चाहता हूँ जिसकी वजह से ये लोग मुझे याद रखें.
मुझे भारत के लिए सात वर्ष तक क्रिकेट खेलना बहुत अच्छा लगा और अब मैं यहाँ से बहुत कुछ सीखना चाहता हूँ.
भारत का अगले साल इंग्लैंड से मुक़ाबला होना है, क्या आप भारत के नज़रिए से इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों पर नज़र रखेंगे?
उसके पहले कई मुक़ाबले होने हैं, मैं वैसे भी पिछले तीन-चार वर्षों में इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूँ और उन्हें समझता हूँ.
वे सब अच्छे खिलाड़ी हैं, भारत में उनके साथ खेलने में बहुत मज़ा आएगा, देखना है कि वे कैसा प्रदर्शन करते हैं.
क्या आप मानते हैं कि ग्रेग चैपल भारत के लिए अच्छे कोच हैं?
मेरा ख़याल है कि वे अच्छे कोच साबित होंगे, वे एक महान क्रिकेटर रहे हैं, हमें बहुत ख़ुशी है कि वे भारतीय टीम से जुड़े हैं, मैं लौटने के बाद उनके मार्गदर्शन में क्रिकेट खेलना चाहूँगा.