http://www.bbcchindi.com

रविवार, 08 मई, 2005 को 14:22 GMT तक के समाचार

नए कोच की दौड़ में चार पूर्व क्रिकेटर

जॉन राइट के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का कोच कौन बनेगा? इसके लिए कई जाने-माने पूर्व क्रिकेटरों के नाम की चर्चा थी. लेकिन अब इस दौड़ में सिर्फ़ चार पूर्व क्रिकेटर ही रह गए हैं.

ये हैं- ग्रेग चैपल (ऑस्ट्रेलिया), टॉम मूडी (ऑस्ट्रेलिया), मोहिंदर अमरनाथ (भारत) और संदीप पाटिल (भारत).

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेट टीम के नए कोच के लिए इन चार उम्मीदवारों की सूची बनाई है. इनमें से एक व्यक्ति को नया कोच चुना जाएगा. जिसकी घोषणा 15 जून तक कर दी जाएगी.

पहले जो नाम चर्चा में थे, उनमें ऑस्ट्रेलिया के एक और खिलाड़ी डीन जोन्स का नाम भी शामिल था. लेकिन अब उनका नाम संभावित लोगों में नहीं रखा गया है.

समिति

पिछले दिनों बीसीसीआई ने नया कोच चुनने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर सिंह महिंद्रा के नेतृत्व में एक छह सदस्यीय समिति बनाई थी. कोलकाता में रविवार को इस समिति की बैठक हुई.

इस समिति में रणवीर सिंह महिंद्रा के अलावा सुनील गावसकर, रवि शास्त्री, एस वेंकटराघवन, जगमोहन डालमिया और करुणाकरण नायर भी शामिल हैं.

बैठक के बाद बीसीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन खिलाड़ियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा और फिर नए कोच का चयन होगा.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ख़त्म हुई सिरीज़ के साथ ही भारतीय टीम के कोच के रूप में जॉन राइट का कार्यकाल ख़त्म हो गया था.

समर्थन

माना जा रहा है कि टॉम मूडी के नाम का समर्थन पूर्व कोच जॉन राइट भी कर रहे हैं. लेकिन 39 वर्षीय मूडी का नाम श्रीलंका के नए कोच के रूप में भी उठ रहा है. मूडी अभी इंग्लिश काउंटी टीम वूरसेस्टरशायर के क्रिकेट निदेशक हैं.

साढ़े चार साल पहले भी भारतीय टीम के कोच के रूप में ग्रेग चैपल का नाम चर्चा में आया था लेकिन बाज़ी जॉन राइट ने मारी थी.

अब ग्रेग चैपल का कहना है कि वे पुरानी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहते. चैपल ने कहा, "किसी भी राष्ट्रीय टीम का कोच बनना सम्मान की बात है. लेकिन इसमें कठिनाई भी होती है क्योंकि कई तरह की चुनौतियाँ भी होती हैं."

संदीप पाटिल भारतीय जूनियर टीम के कोच रह चुके हैं और उन्होंने कुछ महीनों के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में भी काम किया है. वे सबसे ज़्यादा चर्चित रहे कीनिया टीम के कोच के रूप में.

कीनिया की टीम 2003 के विश्व कप के सेमी फ़ाइनल तक पहुँची थी और जानकारों ने इसका श्रेय पाटिल को ही दिया था.