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रविवार, 24 अप्रैल, 2005 को 00:10 GMT तक के समाचार

सचिन तेंदुलकर ने 32 बरस पूरे किए

सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल 2005 को 32 बरस के हो गए हैं.

बरसों तक क्रिकेट के आसमान पर अपनी चमक बिखेरनेवाला ये सितारा पिछले कुछ अरसे से सवालों के बादलों से उलझ रहा है.

सवाल इस सितारे की फ़ॉर्म को लेकर उठ रहे हैं जो काले बादलों की तरह इसकी चमक को लील जा रहे हैं.

पिछले दिनों पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हुई क्रिकेट श्रृंखला में तेंदुलकर खेले ज़रूर मगर उस शैली में नहीं जो उनकी पहचान रही थी.

तीन टेस्ट मैचौं में उन्होंने कोई शतक नहीं लगाया और छह एक दिवसीय मैचौं में पाँच में अपने स्कोर को दो अंकों तक पहुँचा पाने में भी नाकाम रहे.

इस प्रदर्शन के कारण एकदिवसीय मैचों की आईसीसी की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में वह 10 स्थान नीचे खिसककर 13 वें नंबर पर चले गए.

पाकिस्तान सीरिज़

सचिन ने हाल ही में समाप्त हुई पाकिस्तान के विरूद्ध तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला की पाँच पारियों में 255 रन बनाए.

उन्होंने मोहाली टेस्ट में 94, कोलकाता टेस्ट में 52-52 और बंगलौर टेस्ट में 41 और 16 रन बनाए.

वहीं एक दिवसीय श्रृंखला में चौथे एकदिवसीय मैच को छोड़ किसी मैच में वे प्रभावी खेल नहीं दिखा सके.

उन्होंने अहमदाबाद में तो 123 रन बनाए मगर कोच्चि में चार, विशाखापत्तनम में दो, जमशेदपुर में छह, कानपुर में एक और दिल्ली में केवल नौ रन बनाए.

वैसे पाकिस्तान श्रृंखला में सचिन ने टेस्ट मैचों में 10,000 रन बनाए और सुनील गावस्कर के 10,124 रनों के रिकॉर्ड को भी पार किया.

मगर गावस्कर के 34 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ पाने में वो कामयाब नहीं रहे जिसे उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश के साथ टेस्ट मैच में बराबर किया था.

भरोसा

वैसे वेस्टइंडीज़ के महान खिलाड़ी विवियन रिचर्ड्स ने पिछले कुछ अर्से से अनिश्चित फ़ॉर्म से गुज़र रहे भारतीय बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर को एक महान खिलाड़ी बताया है.

रिचर्ड्स ने कहा,"तेंदुलकर अब परिपक्व खिलाड़ी हो गए हैं. अब वो ताबड़तोड़ रन बटोरने की जगह टीम को एक मज़बूत आधार देने की भूमिका निभाते हैं".

उन्होंने कहा,"सचिन अगर आज क्रिकेट को अलविदा कहते हैं तो भी वे एक महान खिलाड़ी रहेंगे".

रिचर्ड्स का कहना था कि तेंदुलकर ने एक लंबी अवधि तक भारत का झंडा उठाए रखा है और ना केवल अपनी भूमिका अदा कर चुके हैं बल्कि बख़ूबी से अदा कर चुके हैं.