बुधवार, 13 अप्रैल, 2005 को 12:20 GMT तक के समाचार
अहमदाबाद से मलय नीरव
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद समी से एक ख़ास बातचीत.
सवाल- अहमदाबाद की जीत के बाद आपके कैंप में क्या नया करने की तैयारी चल रही है?
समी- सीरीज़ 2-2 से बराबर हो गई है. आगे दो मैच हैं और दोनों महत्वपूर्ण हैं तो हमारी कोशिश होगी कि हम जीतें. बाकी, ये तो खेल वाले दिन पता चलेगा कि क्या होता है.
सवाल- शोएब अख्तर की अनुपस्थिति में आपको पाकिस्तान के एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आपकी गेंदबाज़ी भारत में अब तक पूरी तरह निखर नहीं पाई है. क्या आप अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं?
समी- अल्लाह का शुक्र है कि मेरी बॉलिंग में काफी बेहतरी आई है, लेकिन अब भी मैं अपनी गेंदबाज़ी से बहुत ख़ुश नहीं हूँ. अभी, दो मैच बाकी हैं तो इंशा अल्लाह कोशिश करूँगा कि और बेहतर प्रदर्शन करूँ.
सवाल- अपनी बॉलिंग में आपको कहाँ-कहाँ सुधार की गुंजाइश दिखती है?
समी- पहले से तो काफी सुधार हुआ है. मेरी नो बॉल्स और वाइड बॉल्स कम हो गई है. अब सही लाइन और लेंथ के साथ ज़्यादा से ज़्यादा तेज़ गेंद डालने की कोशिश कर रहा हूँ.
सवाल- अहमदाबाद के मैच में भारत की टीम कहाँ कमज़ोर पड़ गई?
समी-कमज़ोरी तो कहीं नहीं है. वो लोग भी अच्छा खेल रहे हैं. 320 के आसपास रन अच्छा टोटल है. लेकिन हमारी टीम कंबाइंड एफर्ट(मिलजुलकर कोशिश) करके जीत रही है जो हमारे लिए बहुत अच्छा है. जब तक टीम एकजुट होकर अपना बेस्ट नहीं देगी तब तक जीतना संभव नहीं होगा.
सवाल- अपनी टीम में आपको कहाँ-कहाँ सुधार की गुँजाइश दिखती है?
समी- हमारी टीम के हर लड़के ने अपने-अपने काम पर ध्यान लगाया हुआ है कि कैसे वे बेहतर-बेहतर ढंग से अपना काम कर पाए और इसीलिए हम लोग दो मैच जीते हैं क्योंकि हर लड़का अपनी ज़िम्मेदारी महसूस कर रहा है.
और इंज़ी भाई ने ऐसी बढ़िया खेली अहमदाबाद में, जिसे देखकर हर लड़के में और ज़्यादा उत्साह जागा है और जिस तरह से अल्लाह ने मेहरबानी की, उसी तरह हम आगे भी, इंशा अल्लाह खेलते रहे तो सीरिज़ जीत सकते हैं.