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मंगलवार, 05 अप्रैल, 2005 को 13:50 GMT तक के समाचार

मलय नीरव
विशाखापटनम

धोनी ने पारी माता-पिता के नाम की

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे एकदिवसीय मैच के मैन ऑफ द मैच रहे महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि वीरेंदर सहवाग ने दबाव बनने ही नहीं दिया और इसलिए वो अपना सामान्य खेल दिखा सके.

बीबीसी से बातचीत में धोनी ने कहा,"जब मैं मैदान पर उतरा तो निश्चित रुप से मुझ पर दबाव था क्योंकि यह मेरा पांचवा मैच है और अब तक बल्ले से कुछ दिखा नहीं सका था. लेकिन वीरु ने जैसी बल्लेबाज़ी की, मुझ पर दबाव कम हो गया और मैं आराम से खेल सका. "

यह पूछे जाने पर कि सचिन के सस्ते में आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने के लिए भेजे जाने पर उनकी कोई रणनीति थी, धोनी ने कहा कि वह पहले पचास रन बनाना चाहते थे.

अर्द्धशतक बनाने के बाद धोनी ने विस्फोटक बल्लेबाज़ी की और 123 गेंदों में 15 चौके और चार छक्कों की मदद से 148 रन बनाए.

पूरे मैच में धोनी कभी दबाव में नहीं दिखे. इस बारे में वो कहते हैं,"मैदान में उतरा तो दबाव था पर पहली ही गेंद पर चौका लगाया तो आधा दबाव खत्म हो गया. बाकी वीरु ने हटा लिया. "

जब उनसे पूछा गया कि इतनी लंबी पारी के बाद विकेटकीपिंग करने में क्या थकान हो रही थी, तो धोनी ने कहा कि रन बनाने के बाद विकेटकीपिंग करने में और उत्साह महसूस हो रहा था.

धोनी ने विकेटकीपर के रुप में इस मैच में अच्छा प्रदर्शन किया और दो कैच भी लिए. रज्ज़ाक का महत्वपूर्ण कैच भी उन्होंने ही लिया.

पूछे जाने पर कि पांचवे मैच का यह शतक वह किसके नाम करते हैं, उनका जवाब था - माता-पिता के नाम.

धोनी मध्यवर्गीय परिवार से आते हैं और उनके कोच चंचल भट्टाचार्य उनके खेल से काफ़ी प्रसन्न हैं.