शुक्रवार, 25 मार्च, 2005 को 19:06 GMT तक के समाचार
अरुण लाल
पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी, बंगलौर से
बंगलौर टेस्ट का दूसरा दिन भी पाकिस्तान के नाम रहा. यूनुस ख़ान ने पहले दिन के अपने स्कोर 127 रन से आगे खेलते हुए अपना दोहरा शतक पूरा करते हुए शानदार 267 रन बनाए.
पहले दिन ही बेहतरीन स्थिति में आ जाने के बाद दूसरे दिन भी पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय गेंदबाजों पर हावी रहे.
हालाँकि पहले दिन के हीरो रहे कप्तान इंज़माम उल हक़ का विकेट पाकिस्तान ने बहुत जल्द ही गँवा दिया, 184 के स्कोर पर. पहले दिन से मज़बूत साझेदारी निभाते हुए यूनुस ख़ान ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए एक छोर संभालते हुए 267 रन का स्कोर बना डाला.
यूनुस ख़ान भारत की ज़मीन पर दोहरा शतक लगाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बने. पाकिस्तान पहली बार 570 के विशालतम स्कोर पर पहुँचा है जिसमें निर्णायक भूमिका रही यूनुस ख़ान की.
दूसरे दिन जब अंत में भारत को खेलने का मौक़ा मिला तो भारतीय खिलाड़ियों के लिए बहुत नाज़ुक क्षण थे, वे थके हुए थे 10 ओवर खेलने ज़रूरी थे और उनका ज़ोर सबसे ज़्यादा इस बात पर था कि वो विकेट बचाएँ.
उनकी यह रणनीति कामयाब हुई और उन्होंने 55 रन बिना कोई विकेट के नुक़सान पर बना लिए. वीरेन्दर सहवाग ने स्वभाविक ढंग से खेलते हुए 39 रन मात्र 33 गेंदों में ही बना डाले.
इससे उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि हालात चाहे कैसे भी रहें, वे अपनी गति से ही खेलेंगे. भारत के लिए पहली पारी में अच्छा खेलना बहुत ज़रूरी है क्योंकि दूसरी पारी में अगर भारत को डेढ़ दिन बल्लेबाज़ी करना हो तो शायद ये मैच बचाना बहुत मुश्किल साबित हो सकता है.
अभी विकेट में कोई ख़ास नुक़सान नहीं हुआ है, अब भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश ये होनी चाहिए कि बैटिंग लंबी खेली जाए.
भारत भी अगर कम से कम 500 के आसपास रन बना लेता है तो दबाव पुनः पाकिस्तान पर आ जाएगा क्योंकि अभी तीन दिन का खेल बाक़ी है.
अगर चौथे और पाँचवें दिन विकेट थोड़ी बिखर जाती तो हरभजन और कुंबले एक बार फिर दबाव डालने में कामयाव हो सकते हैं.
लेकिन सारा दारोमदार इस पर निर्भर होगा कि भारत को एक लंबी पारी खेलते हुए 500 रन से ऊपर तक पहुँचे. अभी तीन दिन शेष हैं और खेल में कुछ भी हो सकता है.