सोमवार, 21 फ़रवरी, 2005 को 18:19 GMT तक के समाचार
मानक गुप्ता
बीबीसी हिंदी
बंगलौर में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा तीसरा टेस्ट पाकिस्तानी कप्तान के लिए ख़ास अहमियत रखता है.
इंज़माम उल हक़ इस मैच के साथ ही अपना टेस्ट मैचों का शतक पूरा कर रहे हैं.
इंज़माम उल हक़ की गिनती अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में भी होती है.
उनका नाम सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा के साथ लिया जाता रहा है.
वनडे मैचों में वो दस हज़ार से ऊपर और टेस्ट में सात हज़ार से ज़्यादा रन बना चुके हैं. टेस्ट मैचों में 20 और वनडे में 10 शतक उनके नाम हैं और अब एक और शतक उनके नाम होने जा रहा है.
भारत के ख़िलाफ़ बंगलौर टेस्ट खेलकर वो अपना टेस्ट मैचों का शतक भी पूरा कर लेंगे.
इंज़माम कहते हैं, "सौ टेस्ट मैचों का ये सफ़र आसान नहीं रहा. मैं उन लोगों का शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने मुझे यहाँ तक पहुँचने में मेरा साथ दिया जैसे मेरे साथी और परिवार."
यादगार लम्हे
क़रीब तेरह साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे इंज़माम कहते हैं कि वो इस दौरान हुई दो घटनाओं को कभी नहीं भुला पाएँगे.
वो कहते हैं, 1992 का वर्ल्ड कप हम जीते तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और 2003 के वर्ल्ड कप में मैंने 6 मैचों में सिर्फ़ 19 रन बनाए जो मेरे लिए सबसे ख़राब लम्हा रहा.
इंज़माम को प्यार से उनके साथी इंज़ी कहकर बुलाते हैं.
उनके नाम एक तिहरा शतक है जो उन्होंने लाहौर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ बनाया था, उन्होंने श्रीलंका के ख़िलाफ़ ढाका में एक दोहरा शतक भी बनाया है.
उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने तीन टेस्ट जीते हैं और अब तक छह हारे हैं, इस तरह उन्हें एक सफल कप्तान की सूची में नहीं रखा जा सकता.
लेकिन टीम में वे काफ़ी लोकप्रिय हैं और ज़्यादातर खिलाड़ियों के साथ उनके मधुर संबंध हैं.
भारत में मीडिया के साथ उनका दोस्ताना रवैया भी चर्चा में रहा है, वे पत्रकारों के साथ बहुत सहजता और दोस्ताना अंदाज़ में बात करते हैं और भारतीय टीवी पर खूब दिखाई दे रहे हैं.