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सोमवार, 10 जनवरी, 2005 को 11:49 GMT तक के समाचार

बांग्लादेश ने पहली टेस्ट विजय हासिल की

बांग्लादेश की क्रिकेट टीम का चार साल पुराना सपना साकार हो गया है, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली जीत हासिल कर ली है.

बांग्लादेश ने चटगाँव में खेले गए मैच में ज़िम्बाब्वे को 226 रन से हराया.

दोनों देशों के बीच खेली जा रही सीरिज़ के पहले मैच में बांग्लादेश ने ज़िम्बाब्वे को सिर्फ़ 154 रन पर ऑल आउट करके यह जीत हासिल की.

इस जीत का श्रेय स्पिनर इनामुल हक़ जूनियर को दिया जा रहा है जिन्होंने अपने क्रिकेट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिर्फ़ 45 रन देकर छह विकेट लिए.

बांग्लादेश ने जीत के लिए 312 रनों का लक्ष्य सामने रखा था लेकिन ज़िम्बाब्वे की टीम ने अपने पहले तीन विकेट सिर्फ़ 46 रन के स्कोर पर खो दिए, ब्रैंडन टेलर के 42 रन के निजी स्कोर पर आउट होने के बाद ज़िम्बाब्वे की टीम पूरी तरह लड़खड़ा गई.

हालाँकि हैमिल्टन मस्कादज़ा ने शानदार 56 रन बनाकर टीम को हार से बचाने की कोशिश की लेकिन कोई अन्य खिलाड़ी उनका साथ नहीं दे सका और दोपहर तक पूरी टीम का सफ़ाया हो गया.

इनामुल हक़ ने आख़िरी क्रिस मपोफु को आउट करके अपने देश के लाखों क्रिकेट प्रेमियों का सपना पूरा कर दिया.

ख़ुशी की लहर

आख़िरी विकेट गिरते ही खिलाड़ी खुशी से झूम उठे और अपने हाथ हवा में उठाकर मैदान में तेज़ी से एक दूसरे की ओर दौड़े.

बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने यादगार के तौर पर विकेट उखाड़ लिए और मैदान में एक गोल घेरा बनाकर देर तक नाचते रहे जिसमें उनके कोच डेव वाटमोर भी शामिल हुए.

स्टेडियम के बाहर तो जैसे उन्माद की लहर उमड़ गई, लोग ढोल-भोंपू बजाकर नारे लगा रहे थे और बांग्लादेश का झंडा लहरा रहे थे.

इससे पहले बांग्लादेश ने 34 टेस्ट मैच खेले थे जिनमें से 31 में उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा था जबकि तीन मैच ड्रॉ रहे थे.

बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ़ 2003 में जीतते जीतते रह गया था जब पाकिस्तानी टीम 261 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बहुत मुश्किल से एक विकेट से जीती थी.

ज़िम्बाब्वे की टीम आईसीसी का निलंबन लागू होने के बाद से पहली बार टेस्ट मैच खेलने मैदान में उतरी थी, ज़िम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच विवाद के कारण इस मैच में उसके कई अच्छे खिलाड़ी नहीं खेले थे.