गुरुवार, 30 दिसंबर, 2004 को 07:34 GMT तक के समाचार
न्यूज़ीलैंड गए श्रीलंका के क्रिकेटरों को अपने देश वापस लौटने के लिए शनिवार तक इंतज़ार करना होगा.
सूनामी लहरों के प्रकोप के कारण श्रीलंका का न्यूज़ीलैंड दौरा रद्द कर दिया गया.
श्रींलंका क्रिकेट टीम ने अपने देश में हुई तबाही के बाद अंतररराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से दौरा रद्द करने का आग्रह किया था जिसे मान लिया गया.
मगर अभी न्यूज़ीलैंड से फ़्लाइट उपलब्ध नहीं होने के कारण क्रिकेटरों को वापस आने में देर होगी.
श्रीलंका क्रिकेट टीम के मैनेजर ब्रेंडन कुरूप्पु ने कहा,"सभी लोग जल्दी से जल्दी वापस लौट वापस जाना चाहते थे और अब हमने राहत की साँस ली है कि आख़िरकार हमें वापस जाने दिया जा रहा है".
फ़ैसला
श्रीलंका में रविवार को दक्षिण पूर्व एशिया में आए भूकंप से आए समुद्री उफान के कारण लगभग 22,000 लोग मारे जा चुके हैं.
ब्रेंडन कुरूप्पु ने कहा कि उनकी टीम में सभी का ये मानना था कि देश वापस लौटना ज़रूरी है बजाय क्रिकेट खेलने के.
उन्होंने कहा,"कोई भी क्रिकेट के बारे में नहीं सोच रहा. सारे खिलाड़ी होटल में टेलीविज़न पर तबाही का हाल देख रहे थे और अपने संबंधियों को फ़ोन कर उनसे जानकारी ले रहे थे".
श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के क्रिकेट बोर्ड आनेवाले दिनों में दोबारा श्रृंखला के आयोजन पर विचार करेंगे.
मुरली बचे
श्रीलंका टीम के किसी भी खिलाड़ी के किसी रिश्तेदार की मृत्यु नहीं हुई है मगर सनत जयसूर्या और उपुल चंदना की माँ घायल हो गई हैं.
मगर घायल होने के कारण श्रीलंका में ही मौजूद स्पिनर मुथैया मुरलीधरन समुद्री लहरों की तबाही की लपेट में आने से बाल-बाल बच गए.
तबाही वाले दिन मुरलीधरन श्रीलंका के गॉल शहर में मौजूद थे जो देश का एक तटवर्ती शहर है.
उन्होंने कहा,"मैं लहरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचा. मुझे गॉल से निकले बस 20 मिनट हुए थे जब ये तबाही हुई".
गॉल शहर में वह स्टेडियम बिल्कुल बर्बाद सा लग रहा है जहाँ कि टेस्ट मैच आयोजित होते हैं.