शनिवार, 11 दिसंबर, 2004 को 07:57 GMT तक के समाचार
सचिन तेंदुलकर ने ढाका में बाग्लादेश के विरूद्ध पहले टेस्ट मैच में शतक लगाकर सुनील गावसकर के 34 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
शनिवार को सचिन ने बांग्लादेश के गेंदबाज़ तापश बैश्य की गेंद को मिडऑन पर खेलकर एक रन लिया जिसके साथ ही उनकी उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और कड़ी जुड़ गई.
सचिन ने अपना 34वाँ शतक अपने 119 वें टेस्ट की 192वीं पारी में लगाया.
गावसकर ने भी अपना 34वाँ शतक अपने 119वें टेस्ट मैच में लगाया था.
गावसकर ने दिसंबर 1986 में कानपुर में श्रीलंका के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में 176 रन बनाए थे और उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया था.
ढाका टेस्ट की पहली पारी में तीन विकेट गिरने के बाद तेंदुलकर ने भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली के साथ मिलकर पारी को संभाल लिया.
चायकाल से ठीक पहले गांगुली 71 रन बनाकर तापश बैश्य की गेंद पर बोल्ड हो गए.
चायकाल तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 232 रना था और तेंदुलकर 106 रन बनाकर खेल रहे थे.
बांग्लादेश ने पहली पारी में 184 रन बनाए थे और इसतरह भारत ने 48 रन की बढ़त बना ली है.
दूसरा दिन
दूसरे दिन का खेल शुरू अभी ज़्यादा समय नहीं हुआ था कि बांग्लादेश ने जल्दी-जल्दी दो विकेट चटकाकर भारत को मुश्किल में डाल दिया.
बांग्लादेश की पहली पारी के 184 रनों के जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही. सलामी बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग ने शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाज़ी करने की कोशिश की.
उन्हें इसका नतीजा भी भुगतना पड़ा और वे सिर्फ़ 13 रन बनाकर तापश बैश्य का शिकार बन गए. उनके 13 रनों में तीन चौके शामिल थे.
उसके बाद भारत को एक और बड़ा झटका उस समय लगा जब उप कप्तान राहुल द्रविड़ बिना कोई रन बनाए मशरफ़ मुर्तज़ा की गेंद पर बोल्ड आउट हो गए.
इसके बाद सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के बीच तीसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन गंभीर दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से 35 रन बनाकर रन आउट हो गए.
पहला दिन
ढाका टेस्ट के पहले दिन भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश की पारी सिर्फ़ 184 रनों पर समेट दी थी.
टॉस जीतकर पहले मेज़बान टीम को बल्लेबाज़ी के लिए उतारने के बाद भारत ने शुरू से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी.
इरफ़ान पठान ने पाँच और अनिल कुंबले व ज़हीर ख़ान ने दो-दो विकेट लिए. आख़िरी बल्लेबाज़ रन आउट हुआ.
इसी दौरान अनिल कुंबले ने मोहम्मद रफ़ीक़ का विकेट लेकर कपिल देव के 434 विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.
अब कुंबले टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
बांग्लादेश की ओर से मध्यक्रम के मोहम्मद अशरफ़ुल ने अच्छी बल्लेबाज़ी की और वे 60 रन बनाकर नाबाद रहे. जबकि मोहम्मद रफ़ीक़ ने 47 रनों की पारी खेली.