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शनिवार, 11 दिसंबर, 2004 को 13:12 GMT तक के समाचार

सचिन कोहिनूर से भी कीमती:गावसकर

11 दिसंबर 2004 को सचिन तेंदुलकर ने ढाका में सुनील गावसकर के 34 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी की जिसके बाद गावसकर ने अपनी प्रतिक्रिया इस तरह दीः

34वाँ शतक बनाने पर सचिन तेंदुलकर को मेरी हार्दिक बधाई.

उस दिन से जब मैंने सचिन को मुंबई रणजी ट्रॉफ़ी के लिए संभावित खिलाड़ियों के शिविर में मिड ऑन की ओर एक फ़्लिक शॉट खेलते देखा, मैं समझ गया कि ये एक ख़ास प्रतिभा है.

एक साल के भीतर ही वे भारत के लिए खेल रहे थे और इस तरह से रन बना रहे थे जिसने उनकी उम्र को झूठा साबित कर दिया और देखनेवालों को खुश किया और उनमें उत्साह भर डाला.

अपना पहला मैच खेलने के डेढ़ दशक बाद तक सचिन उसी तरह से रन बना रहे हैं और लाखों भारतीयों की तरह मैं भी ये आशा करता हूँ कि अभी और कई वर्षों तक वे ऐसा करते रहेंगे.

खेल को लेकर उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई और मैदान तथा मैदान से बाहर भी वे सबके लिए हमेशा एक उदाहरण बने रहे.

भारतीय क्रिकेट टीम के सलाहकार के रूप में बिताए गए कुछ हफ़्तों के दौरान मुझे ड्रेसिंग रूम जाकर खिलाड़ियों को नज़दीक से देखने का और ये जानने का अवसर मिला कि खिलाड़ी स्वयं को किस तर मैदान पर होनेवाली लड़ाई के लिए तैयार करते हैं.

सचिन ने मुझे सबसे ज़्यादा प्रभावित किया क्योंकि लोगों की अपार आशाओं के बावजूद सचिन ने दूसरे खिलाड़ियों के लिए सदा उपस्थित रहते थे और नए खिलाड़ी उनके बर्ताव के कारण उनके साथ बिल्कुल सहज महसूस करते थे.

आज जब चायकाल के बाद वे मैदान से बाहर आए तो मैंने उनसे कहा कि मैं अब उनसे और अधिक उम्मीद लगा रहा हूँ और मैं उनको 40 नहीं बल्कि 50 शतक लगाते हुए देखना चाहता हूँ.

ये भारतीयों के लिए एक गर्व का क्षण है और अभी उनके उन परिवारजनों और दोस्तों को बधाई देना बाक़ी है जिन्होंने उनको एक अच्छा क्रिकेटर और और अच्छा इंसान बनाने में सहायता की.

आज हमारे पास कोहीनूर ना सही हमारे पास सचिन है और हम भारतवासियों के लिए वे उससे भी कहीं महत्वपूर्ण और उससे भी कहीं कीमती हैं.