सोमवार, 22 नवंबर, 2004 को 06:33 GMT तक के समाचार
कानपुर टेस्ट मैच में भारत ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ धमाकेदार शुरूआत की है.
दक्षिण अफ़्रीका के नौ विकेट पर 510 रन के स्कोर के जवाब में भारत ने तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक बिना कोई विकेट खोए 185 रन बना लिए हैं.
भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज़, वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर 85-85 रन बनाकर विकेट पर टिके हुए हैं.
हालाँकि दोनों ही बल्लेबाज़ों को जीवनदान मिला जब पहला टेस्ट मैच खेल रहे विकेटकीपर सोलेकिले ने गंभीर का एक कैच छोड़ा और सहवाग को स्टंप करने का एक मौक़ा गँवा डाला.
सहवाग ने 141 गेंदों में 15 चौके लगाए जबकि गंभीर ने 114 गेंदों में 11 चौके और एक छक्का लगाया.
खेल में देर
तीसरे दिन कुहासे के कारण भोजनकाल के बाद ही खेल शुरू हो सका.
टॉस जीतकर पहले खेल रही दक्षिण अफ़्रीकी टीम ने सात विकेट पर 459 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया.
मेहमान टीम काफ़ी जल्दी में थी और दसवें नंबर के बल्लेबाज़ रॉबिन पीटर्सन ने केवल 24 गेंदों पर 34 रन बनाए.
उन्हें हरभजन सिंह ने क्लीन बोल्ड कर दिया. शॉन पोलक 44 रन बनाकर अविजित रहे. तीसरे दिन अनिल कुंबले को एक और हरभजन को एक विकेट मिले.
कुंबले ने सोलेकिले को एलबीडब्ल्यु आउट कर पारी का छठा विकेट लिया. उन्होंने इसतरह 28वीं बार किसी टेस्ट मैच में पाँच या उससे अधिक विकेट लिए हैं.
वे कपिल देव के 434 विकेटों के रिकॉर्ड से बस चार विकेट पीछे हैं.
दूसरा दिन
दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक दक्षिण अफ़्रीका ने सात विकेट पर 459 रन बनाए थे और उसकी स्थिति मज़बूत लग रही थी.
एंड़्यू हॉल और ज़ैंडर डी ब्रुइन ने शानदार बल्लेबाज़ी कर दक्षिण अफ़्रीका की पारी को अच्छी स्थिति में पहुँचा दिया.
एंड्र्यू हॉल ने 163 और ब्रुइन ने 83 रन बनाए. हॉल का ये पहला टेस्ट शतक रहा जबकि ब्रुइन ने भी अपने पहले टेस्ट मैच में अर्धशतक लगाया.
सलामी बल्लेबाज़ हॉल की लंबी पारी का अंत किया अनिल कुंबले ने जबकि ब्रुइन को हरभजन ने आउट किया.