बुधवार, 17 नवंबर, 2004 को 23:38 GMT तक के समाचार
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने ऑस्ट्रेलिया के तीन गेंदबाज़ों के बारे में बयान पर मुथैया मुरलीधरन से स्पष्टीकरण मांगा है.
मुरलीधरन ने आरोप लगाया था कि ऑस्ट्रेलिया के तीन गेंदबाज़ ग्लेन मैकग्रा, जेसन गिलेस्पी और ब्रेट ली उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनका एक्शन ग़लत है.
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के रे इलैंगकोन ने बीबीसी को बताया, "मुरलीधरन अनुबंध वाले खिलाड़ी हैं और बिना अनुमति के ऐसे बयान देना अनुबंध का उल्लंघन है."
ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने मुरलीधन को 'चकर' कह कर काफ़ी बवाल मचाया था और उसके बाद मुरलीधरन के ऑस्ट्रेलिया न जाने को भी उनके बयान से ही जोड़कर देखा गया.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मुरलीधरन पर उनकी ख़ास गेंद 'दूसरा' फेंकने पर अभी पाबंदी लगा रखी है.
लेकिन परिषद का प्रस्ताव है कि गेंदबाज़ अपनी गेंद फेंकते समय अपनी बाँह को 15 डिग्री तक मोड़ सकते हैं.
अगर यह प्रस्ताव नियमावली में शामिल हो गया तो मुरलीधरन अपनी 'दूसरा गेंद' फेंक पाएँगे.
बयान
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ों के बारे में मुरलीधरन का बयान रेडियो पर प्रसारित हुआ था लेकिन मुरली ने बाद में ज़ोर देकर कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
अपने कंधे के ऑपरेशन के बाद मुरलीधरन दिसंबर के आख़िर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में टीम में वापसी की योजना बना रहे हैं.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एक बयान जारी करके ऑस्ट्रेलिया के प्रेस में छप रही उन ख़बरों से इनकार किया है कि आईसीसी ने ऐसे गेंदबाज़ों की सूची बनाई है जिनके एक्शन को लेकर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
आईसीसी के जनरल मैनेजर डेव रिचर्डसन ने कहा है कि ऐसा कहना बिल्कुल ग़लत है.
उन्होंने कहा, "विशेषज्ञों की एक उप समिति की बैठक इसलिए बुलाई गई थी ताकि ये देखा जा सके कि ग़लत गेंदबाज़ी एक्शन से निपटने वाली आईसीसी की नियमावली कैसी है. इसमें किसी खिलाड़ी विशेष से निपटने की बात है ही नहीं."
न्यूज़ीलैंड के कप्तान स्टीफ़ेन फ़्लेमिंग ने कहा है कि आईसीसी का यह क़दम एक सकारात्मक संकेत है.