बुधवार, 17 नवंबर, 2004 को 01:55 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरभ गांगुली पर दो टेस्ट मैचों में खेलने को लगी पाबंदी के ख़िलाफ़ दायर अपील की सुनवाई न्यूज़ीलैंड के बैरिस्टर टिम कासल करेंगे.
टिम कासल को सात दिन के भीतर इस याचिका पर सुनवाई करनी है और ये सुनवाई कैसे होगी इसका निर्णय उनको ही करना है.
ऐसे में अगर शनिवार तक वे कोई फ़ैसला नहीं करते तो गांगुली दक्षिण अफ़्रीका के विरूद्ध कानपुर में होनेवाले पहले टेस्ट मैच में खेल सकेंगे.
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सौरभ गांगुली पर पिछले दिनों कोलकाता में पाकिस्तान के विरूद्ध हुए एक दिवसीय मैच में धीमी गेंदबाज़ी करने के कारण दो टेस्ट मैचों में खेलने का प्रतिबंध लगा दिया था.
इसके बाद इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई.
सुनवाई और दावे
टिम कासल इससे पहले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों में उठे विवादास्पद मामलों की सुनवाई कर चुके हैं.
फ़िलहाल गांगुली पर प्रतिबंध लगानेवाले कोलकाता मैच के रेफ़री और वेस्टइंडीज़ टीम के पूर्व कप्तान क्लाइव लॉयड ने मैच की वीडियो रिकॉर्डिंग टिम कासल के पास भेज दी है.
साथ ही उन्होंने अपने फ़ैसले के समर्थन में दस्तावेज़ भी भेजे हैं जिनमें कहा गया है कि गांगुली को पहले भी इसी कारण से दो बार सज़ा दी जा चुकी है.
वहीं प्रतिबंध हटाने के बारे में तर्क दिया जा रहा है कि कोलकाता मैच के दौरान ओस की वजह से मैदान धीमा हो गया था.
मगर क्लाइव लॉयड कह चुके हैं कि उन्होंने इस कारण को ध्यान में रखते हुए सज़ा दी है.
अपील की व्यवस्था
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के फ़ैसलों के विरूद्ध अपील की व्यवस्था 2002 में लाई गई थी.
मगर इसके बाद से दो बार ऐसे मामलों में अपील की गई और दोनों ही अपीलें ठुकरा दी गईं.
पाकिस्तान के गेंदबाज़ शोएब अख़्तर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के लिए एक टेस्ट मैच और दो एक दिवसीय मैचों में खेलने की पाबंदी लगाई गई थी और उनकी अपील को रिची बेनो ने ठुकरा दिया था.
इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका के खिलाड़ी एंड्र्यू हॉल पर भी पाकिस्तान के बल्लेबाज़ युसूफ़ योहाना को कोहनी मारने के लिए पूरी टेस्ट श्रृंखला से प्रतिबंधित कर दिया गया था और उनकी अपील भी नहीं मानी गई.
ऐसे में अगर गांगुली की अपील भी ठुकरा दी गई तो उनकी जगह उप कप्तान राहुल द्रविड़ को कप्तानी करनी पड़ सकती है.