रविवार, 03 अक्तूबर, 2004 को 10:45 GMT तक के समाचार
दिल्ली में आयोजित आईएएएफ़ वर्ल्ड हाफ़ मैराथन चैंपियनशिप कीनिया के पॉल किरुई ने जीत ली है.
महिला वर्ग में यह दौड़ चीन की येंगजी सुन ने जीती.
तेरहवीं आईएएएफ़ (इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ़ एथलेटिक्स फ़ेडरेशन) वर्ल्ड हाफ़ मैराथन चैंपियनशिप पहली बार किसी एशियाई देश में आयोजित की गई.
भारत में एशियाड के बाद इस स्तर का यह पहला आयोजन था.
विजेता
किरुई ने अपनी दौड़ एक घंटे दो मिनट और 15 सेकेंड में पूरी की.
उन्होंने पिछले साल के उपविजेता तंज़ानिया के जोसेफ़ फ़ैबियानो को पछाड़ा.
क़तर के अहमद अब्दुल्ला तीसरे स्थान पर रहे.
अहमद अब्दुल्ला पाँच हज़ार मीटर और दस हज़ार मीटर दौड़ के एशियाई रिकॉर्ड धारी हैं.
महिलाओं की दौड़ में आयरलैंड की सोनिया ओसुलिवान की दावेदारी मज़बूत मानी जा रही थी लेकिन वे आशा के अनुरुप प्रदर्शन नहीं कर सकीं और चौथे स्थान पर रहीं.
चीन की येंगजी सुन (एक घंटा आठ मिनट 40 सेकेंड) ने केन्या की लीडिया शेरोमेई को पछाड़कर यह दौड़ जीती. दूसरे स्थान पर रही शेरोमेई के लिए यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.
रोमानिया की कोंस्टाटिना तोमेस्कुदिता तीसरे स्थान पर रहीं.
भारतीय धावकों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. रामबहादुर सुब्बा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और एक घंटे दस मिनट और 33 सेंकेंड में दौड़ पूरी करके 59वें स्थान पर रहे.
मुकेश कुमार यादव और अजीत सिंह 65वें और 66वें स्थान पर रहे. जबकि राजकुमार 69 वें स्थान पर रहे.
महिला वर्ग में सरबजीत कौर 52 वें स्थान पर रहीं.
अफ़्रीकी देशों का दबदबा
टीम प्रतियोगिता में अफ़्रीकी देशों का दबदबा क़ायम रहा.
पुरुषों की टीम में केन्या पहले स्थान पर रहा जबकि इथोपिया दूसरे और यूगांडा की टीम तीसरे स्थान पर.
महिलाओं की टीम प्रतियोगिता में इथोपिया की टीम पहले स्थान पर रही जबकि रोमानिया की टीम दूसरे और रूस की टीम तीसरे स्थान पर रही.