सोमवार, 20 सितंबर, 2004 को 00:58 GMT तक के समाचार
एजबेस्टन से पंकज प्रियदर्शी
बीबीसी हिंदी
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी में पाकिस्तान के हाथों हारने के बाद भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने बल्लेबाज़ों पर अपना ग़ुस्सा निकाला.
गांगुली ने कहा कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ घरेलू सिरीज़ के बाद पिछले चार महीने से भारतीय बल्लेबाज़ निराश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "वो तो हमारे गेंदबाज़ों ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच को थोड़ा रोचक बना दिया अन्यथा बल्लेबाज़ी से तो निराशा ही मिली थी."
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ महत्वपूर्ण मैच में भारत ने पाकिस्तान को सिर्फ़ 201 रनों का लक्ष्य दिया था.
ख़राब फ़ॉर्म में चल रहे वीरेंदर सहवाग और युवराज सिंह ने एक बार फिर निराश किया.
गांगुली बिना कोई रन बनाए लौटे तो एकबारगी ऐसा लगा कि उनके आगे-पीछे कोई भारतीय पारी संभालने वाला कोई है ही नहीं.
गांगुली ने माना कि सचिन तेंदुलकर की टीम को कमी महसूस हुई लेकिन उनका ये भी कहना था कि टीम में दूसरे भी बल्लेबाज़ हैं जिन्हें अपनी भूमिका निभानी चाहिए.
'ख़ुशी का ठिकाना नहीं'
पाकिस्तान से मैच हार जाने के बाद निराश दिख रहे गांगुली ने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से भारतीय टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह पक्की नहीं रह सकती.
वहीं भारत के ख़िलाफ़ जीत की ख़ुशी कप्तान इंज़माम-उल-हक़ से छुपाए नहीं छुप रही थी. मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में इंज़माम ने हर बात का चुटीले अंदाज़ में जवाब दिया.
इंज़माम ने कहा कि वे बहुत ख़ुश हैं कि पाकिस्तान की टीम भारत को हराकर सेमी फ़ाइनल में पहुँची है.
जबकि कोच बॉब वूल्मर का कहना था कि ड्रेसिंग रूम में बैठकर मैदान के दबाव का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन के पीछे गेंदबाज़ों की ख़ास तौर पर सराहना की.
भारत के ख़िलाफ़ मैच में राणा नवीद-उल-हसन और शोएब अख़्तर दोनों ने चार-चार विकेट लिए.
मीडिया में इंज़माम और शोएब के बीच तीसरे नंबर पर गेंदबाज़ी कराने को लेकर चल रही अटकलों पर टिप्पणी करते हुए इंज़माम ने कहा कि टीम प्रबंधन ने सोच-समझकर ही यह फ़ैसला किया है.
इन सबके बीच इंज़माम ने भारतीय युवा खिलाड़ी इरफ़ान पठान की भी तारीफ़ की.