मंगलवार, 31 अगस्त, 2004 को 17:18 GMT तक के समाचार
भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार को नैटवेस्ट वन डे क्रिकेट श्रृंखला का पहला मैच खेला जाएगा जिसमें भारतीय टीम सचिन तेंदुलकर के बिना ही मैदान में उतर रही है.
वैसे तो नैटवेस्ट श्रृंखला में केवल तीन ही मैच खेले जाएँगे मगर इसे 10 सितंबर से इंग्लैंड में ही खेली जानेवाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी श्रृंखला के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
नैटवेस्ट श्रृंखला के मैचों से भारत और इंग्लैंड, दोनों ही टीमें अपने फ़ॉर्म को वापस पाने की कोशिश करेंगी.
अभी वन डे क्रिकेट खेलनेवाले देशों की वरीयता सूची में भारत को पाँचवाँ और इंग्लैंड को आठवाँ स्थान मिला हुआ है.
परेशानी
भारत के लिए सबसे बड़ी परेशानी रही है बड़े मुक़ाबलों के फ़ाइनल मैचों में नहीं जीत पाना.
भारत पिछले वर्ष विश्व कप और इस वर्ष एशिया कप के फ़ाइनल में पहुँचा था मगर विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और एशिया कप में श्रीलंका से उसे मुँह की खानी पड़ी.
इस वर्ष भारत ने पाकिस्तान में वन-डे और टेस्ट श्रृंखला में ज़बरदस्त खेल दिखाया था मगर इसके बाद भारत का प्रदर्शन कमज़ोर रहा.
श्रीलंका में एशिया कप में भारत ग्रुप दौर में श्रीलंका और पाकिस्तान से हार गया. लेकिन बोनस अंकों ने उसे फ़ाइनल में जगह दिला दी.
मगर वहाँ भारत श्रीलंका के रखे 229 रनों के आसान लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका.
भारतीय कोच जॉन राइट कहते हैं,"इन गर्मियों में पाकिस्तान से लौटने के बाद हम वाकई अपना पूरा खेल नहीं दिखा सके हैं".
मगर भारतीय टीम के प्रमुख चयनकर्ता सैयद किरमानी का मानना है कि एशिया कप और पिछले दिनों हॉलैंड में त्रिकोणीय क्रिकेट श्रृंखला में भारत का कमज़ोर प्रदर्शन उसके लिए एक मायने में बेहतर ही रहा.
किरमानी ने कहा,"एशिया कप और हॉलैंड में ख़राब खेल से निश्चित तौर पर भारतीय टीम की नींद टूटी होगी और वो आनेवाली प्रतियोगिताओं में अच्छा खेलेगी".
सचिन घायल
मगर भारत के लिए एक बुरी ख़बर ये है कि उनके स्टार बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर घायल होने के कारण टीम में नहीं रहेंगे.
तेंदुलकर की कोहनी में चोट है जिसके कारण वे नैटवेस्ट श्रृंखला से तो बाहर रहेंगे ही, चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भी उनका खेलना संदिग्ध है.
जॉन राइट कहते हैं,"अब चोट तो जीवन का ही हिस्सा है..हमने इसके पहले भी सचिन के बिना कई बड़े मैच जीते हैं".
मगर सैयद किरमानी का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के नहीं रहने से भारतीय टीम के मनोबल पर निश्चित तौर पर असर पड़ेगा क्योंकि भारतीय कप्तान स्वयं कह चुके हैं कि भारतीय टीम का प्रदर्शन काफ़ी कुछ उनके प्रदर्शन पर निर्भर करता है.