रविवार, 29 अगस्त, 2004 को 20:23 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जैक रॉग की आधाकारिक घोषणा के साथ ही एथेंस में 28वें ओलंपिक खेलों का समापन हो गया.
उन्होंने पारंपरिक अंदाज़ में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों से चार साल बाद बीजिंग में एकत्रित होने की अपील की. 2008 में ओलंपिक खेल बीज़िंग में होंगे.
इस मौक़े पर ग्रीक परंपरा से भरपूर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. एथेंस के मुख्य स्टेडियम में हुए भव्य समारोह का प्रमुख आकर्षण था पूरे स्टेडियम को गेहूँ के खेत के रूप में बदल देना.
इसके बाद हुए पारंपरिक ज़ोरबा नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया. खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों ने इस मौक़े पर जम कर लुत्फ़ उठाया.
फिर बारी आई पारंपरिक अंदाज़ में मैराथन विजेताओं को पदक देने की. हालाँकि मैराथन के दौरान एक हादसा ज़रूर हुआ था.
लेकिन जैसे लोग एथेंस ओलंपिक की इस आख़िरी और एकमात्र घटना को भूलना चाहते थे.
जब आकाश में एक साथ ढाई लाख गुब्बारों ने अपनी छटा बिखेरी तो कहना ही क्या था. आतिशबाज़ी से ऐसा समाँ बँधा कि सभी उसमें खो गए.
'सफल ओलंपिक'
मैराथन के दौरान हुई घटना को छोड़कर एथेंस ओलंपिक को सफल माना जा रहा है. हालाँकि ओलंपिक के पहले सुरक्षा और तैयारियों को लेकर काफ़ी आशंका जताई जा रही थी.
अपने समापन भाषण में अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जैक रॉग ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "आप लोग जीत गए."
एथेंस ओलंपिक के प्रभारी जिएना एंजेलोपॉलस ने कहा, "एथेंस ओलंपिक की मेजबानी हमें मिली और हमने दिखा दिया कि हम क्या कर सकते हैं."
विवाद
ओलंपिक का उदघाटन समारोह जहाँ दो ग्रीक एथलीटों के ड्रग टेस्ट में न शामिल होने के कारण चर्चित रहा, तो ओलंपिक के दौरान भी इसकी छाया बनीं रही.
बड़ी संख्या में एथलीट ड्रग टेस्ट में पकड़े गए और कई विजेताओं से उनके पदक भी छीने गए.
लेकिन आईओसी के अध्यक्ष रॉग ने कहा कि उन्हें इसका सुकून है कि इस ओलंपिक के दौरान ड्रग टेस्ट की प्रक्रिया में और सुधार हुआ और उन्हीं एथलीटों को मौक़ा मिला जो साफ़-सुथरे पाए गए.
इस ओलंपिक के दौरान पदक तालिका में शीर्ष पर बने रहने के लिए अमरीका और चीन में होड़ लगी रही. शुरुआती दिनों में जहाँ चीन नंबर एक बना रहा तो बाद में अमरीका नंबर एक पर रहा.
आख़िर में भी अमरीका पहले स्थान पर रहा और चीन दूसरे. रूस तीसरे स्थान पर रहा. अमरीका के तैराक माइकल फ़ेलप्स ने छह स्वर्ण जीतकर नई उपलब्धि हासिल की.
भारत को एक बार फिर एक पदक से ही संतोष करना पड़ा. राज्यवर्धन सिंह राठौर ने निशानेबाज़ी में रजत पदक जीता.