गुरुवार, 19 अगस्त, 2004 को 07:40 GMT तक के समाचार
हिंसा रोकने में खेल को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश में हैती पहुँची ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम.
हिंसाग्रस्त कैरीबियाई देश हैती में इसे सद्भावना के एक क़दम के तौर पर देखा जा रहा था. वैसे मुक़ाबला एकतरफ़ा था और रोनाल्डो की इस टीम ने हैती को 6-0 से हरा दिया.
इस मैच का आयोजन संयुक्त राष्ट्र ने हैती में शांति को बढ़ावा देने के मक़सद से किया था.
इस देश में लोग ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम के दीवाने हैं और यही वजह है कि अपने चहेते खिलाड़ियों को देखने के लिए हज़ारों लोग सड़कों पर खड़े थे.
टीम के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षक सैनिक भी चल रहे थे. इसी साल फ़रवरी में हिंसात्मक विद्रोह के बाद हैती में सरकार बदली थी और हैती में संयुक्त राष्ट्र का कामकाज ब्राज़ील के ही सैनिक देखते हैं.
वैसे इस मुक़ाबले से पहले ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासिओ लूला डि सिल्वा ने अपने खिलाड़ियों से कहा था कि वे बहुत ज़्यादा गोल नहीं करें. राष्ट्रपति ख़ुद शहर में थे और उनका कहना था कि ये सद्भावना का प्रतीक मैच है और इससे हैती वासियों का मनोबल नहीं टूटना चाहिए.
नतीजे दिखाते हैं कि खिलाड़ियों ने राष्ट्रपति की एक न सुनी और एक के बाद एक छह गोल किए.
उत्सव सा माहौल
मगर इसके बावजूद हैतीवासियों के मनोबल पर कोई उल्टा असर नहीं हुआ है और वे पार्टियों में मशगूल हैं.
मैच में लोग ढोल-नगाड़ों के साथ पहुँचे थे मगर फिर भी संयुक्त राष्ट्र के हेलिकॉप्टर मैदान के ऊपर चक्कर लगा रहे थे.
इस खेल का स्लोगन था, "वे खेलेंगे और शांति जीतेगी." मगर शांति और सद्भावना के इस क़दम में भी सुरक्षा को लेकर पूरी एहतियात बरती गई. टीम हवाई अड्डे से स्टेडियम तक संयुक्त राष्ट्र की बख़्तरबंद गाड़ियों की सुरक्षा में गई.
मगर चिंता इस बात की नहीं थी कि टीम के ऊपर कोई हमला हो सकता है या फिर लोग उनके विरुद्ध हिंसा पर उतर सकते हैं.
चिंता तो इस बात की थी कि ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम की पूजा करने वाले लगभग आठ करोड़ हैतीवासी कहीं खिलाड़ियों के बहुत ही नज़दीक़ न आ जाएँ.
हैती के इन प्रशंसकों ने लंबी कतारों में खड़े होकर काफ़ी देर तक सब्र के साथ इन खिलाड़ियों का इंतज़ार किया.
इसके अलावा जोश तो इतना था कि काफ़ी लोग ब्राज़ील के खिलाड़ियों जैसी ही पोशाक पहने खड़े थे.
मैच के दौरान आने वाले हर दर्शक की तलाशी ली गई कि कहीं कोई हथियार लेकर तो नहीं पहुँच गया है और रोमांच का आलम ये कि जिन्हें स्टेडियम में पहुँचने में क़ामयाबी नहीं मिली वे स्टेडियम के पास के पेड़ों पर चढ़कर मैच देख रहे थे.
हैती के प्रधानमंत्री जेरार्ड लाटोर्चे ने कहा कि मैच देश में शांति के लिए था.