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गुरुवार, 15 जुलाई, 2004 को 17:33 GMT तक के समाचार

शाहिद हाशमी
कोलंबो

हांगकांग का पहला मैच, रॉबिन सिंह कोच

एशिया कप में इस बार हांगकांग की टीम अपना पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलेगी.

शुक्रवार को एशिया कप के पहले दिन उसे बांग्लादेश का मुक़ाबला करना है.

हांगकांग के कोच हैं पूर्व भारतीय ऑल राउंडर रॉबिन सिंह.

रॉबिन सिंह ने भारत के लिए 136वन-डे मैच खेले हैं.

वे 1999 के विश्वकप में भारतीय टीम में शामिल थे.

रॉबिन सिंह एशिया कप में हांगकांग की पहली भागीदारी के महत्व को बख़ूबी समझते हैं.

रॉबिन सिंह ने बीबीसी को बताया, "वन-डे क्रिकेट में शामिल होना हांगकांग के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा."

"मैंने लड़कों को बता दिया है कि पहला लक्ष्य होता है मुक़ाबला करना. हमें किसी तरह की कोई शर्म या हिचक नहीं होनी चाहिए."

हांगकांग में क्रिकेट

ब्रिटेन के उपनिवेश रहे हांगकांग को सात साल पहले चीन को सौंप दिया गया था.

हांगकांग में क्रिकेट का 150 साल पुराना इतिहास रहा है.

ब्रितानियों के अलावा भारत और पाकिस्तान से आए लोगों ने भी हांगकांग में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई.

हालाँकि उन्होंने 2000 की एसीसी ट्रॉफी में संयुक्त अरब अमीरात को हराकर एशिया कप में जगह पा ली थी.

लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच चार साल तक चले गतिरोध की वजह से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिला.

रॉबिन सिंह कहते हैं, "आख़िरकार मौका हाथ आ ही गया और हमें इसका पूरा फायदा उठाना है."

हांगकांग की उम्मीद

पहले राउंड में तीन टीमें हैं जिसमें पाकिस्तान का दावा मज़बूत रहने की संभावना है.

ऐसे में हांगकांग का उद्देश्य रहेगा कि वह अपेक्षाकृत नई टीम बांग्लादेश को हराए.

रॉबिन सिंह कहते हैं, "सभी लड़के क़ाबिल हैं और उनमें जीतने का जोश है. हम जानते हैं कि बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाया है, इसलिए अगर हम उसे हरा पाए तो ये काफी बड़ी सफलता होगी."

लेकिन 43 वर्षीय कप्तान राहुल शर्मा एशिया कप को आसान नहीं मान रहे हैं.

भारत में दिल्ली की टीम से रणजी ट्रॉफ़ी खेल चुके राहुल शर्मा कहते हैं, "रॉबिन सिंह ने टीम के साथ बहुत मेहनत की है. उन्होंने बताया है कि दूसरों की ही तरह हमारे भी दो हाथ और दो पैर हैं और हमें अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करना चाहिए."

टीम के कोच

इससे पहले श्रीलंका के लाल जयसिंघे और इंग्लैंड के एडम हैलिओक ने हांगकांग क्रिकेट टीम को प्रशिक्षण दिया था.

फिर मार्च में हांगकांग क्रिकेट एसोसिएशन ने रॉबिन सिंह को कोच बनने का न्यौता दिया और उन्होंने इस साल ये ज़िम्मेदारी संभाली.

"दुर्भाग्यवश हम ख़राब बैटिंग की वजह से 2005 आईसीसी ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए लेकिन अब ऐसा नहीं होगा."

"एशिया कप के बाद अगला लक्ष्य इंटरकॉन्टीनेंटल कप होगा. इसमें सिंगापुर, मलेशिया और नेपाल के साथ तीन एक दिवसीय मैच होंगे."

एशियन क्रिकेट काउंसिल ने हांग-कांग को विकासशील देशों में अग्रणी माना है और उनके अंडर-13, यू-15 और यू-17 कार्यक्रम काफी सफल हुए हैं.