एशिया कप क्रिकेट प्रतियोगिता शुक्रवार से शुरू हो रही है जिसमें पहले दिन भारत और बांग्लादेश तथा हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मैच होगा.
श्रीलंका में हो रही प्रतियोगिता में छह टीमें भाग ले रही हैं जिन्हें दो वर्गों में बाँटा गया है.
पाकिस्तान, बांग्लादेश और हांगकांग की टीमें ग्रुप ए और भारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात ग्रुप बी में हैं.
फ़ाइनल मैच एक अगस्त को खेला जाएगा.
पिछले कुछ समय के प्रदर्शन के हिसाब से सौरभ गांगुली की अगुआई वाली भारतीय टीम का पलड़ा सबसे भारी माना जा रहा है.
मगर पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी भारत के सामने कड़ी चुनौती रख सकती हैं.
भारत-पाकिस्तान
एशिया कप में सबसे ज़्यादा रोमांचक मुक़ाबला माना जा रहा है भारत और पाकिस्तान का.
हालाँकि दोनों टीमों के बीच दूसरे दौर से पहले भिड़ंत नहीं हो सकेगी क्योंकि दोनों टीमें अलग ग्रुपों में हैं.
वैसे भारत का पलड़ा भारी है क्योंकि इस साल पाकिस्तान दौरे में उसने टेस्ट श्रृंखला भी जीती और वन डे श्रृंखला भी.
भारतीय टीम ने तीन हफ़्ते आराम भी किया है और अब उनके साथ हरभजन सिंह भी हैं जो कलाई की चोट के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहे.
टीम के कोच जॉन राइट कहते हैं,"हमारे लिए चुनौती इस बात की है कि हम कितनी जल्दी अपनी पिछली लय को पकड़ते हैं. हम मानकर चल रहे हैं कि मैच मुश्किल होंगे".
उधर पाकिस्तानी टीम में आपसी कलह की ख़बरें हैं और कप्तान इंज़मामुल हक़ और तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर के बीच मतभेद बताया जा रहा है.
ऐसे में टीम के नए कोच बॉब वूलमर के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को संगठित रखने की है.
वैसे इंज़माम कहते हैं,"हम यहाँ प्रतियोगी क्रिकेट खेलने और इसे जीतने आए हैं".
श्रीलंका
श्रीलंका के लिए दो चीज़ें उनके पक्ष में जाती हैं, एक तो घरेलू मैदान और दूसरा शानदार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन.
मगर एक चीज़ जो नुक़सानदेह हो सकती है वो ये है कि ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए अच्छा नहीं रहा और हार से उनके हौसले पर असर पड़ सकता है.
साथ ही टेस्ट श्रृंखला खेलकर आई टीम को एक दिवसीय क्रिकेट के लिए ढलने में भी वक़्त लग सकता है.
चार साल पहले एशिया कप के फ़ाइनल में श्रीलंका पाकिस्तान से 39 रन से हार गई थी.
यूएई और हांगकांग
प्रतियोगिता में आई दो नई टीमें हांगकांग और यूएई के लिए गंवाने को बहुत कुछ नहीं है.
हांगकांग टीम के प्रशिक्षक हैं पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रॉबिन सिंह और कप्तान हैं राहुल शर्मा जो दिल्ली की टीम से रणजी ट्रॉफ़ी भी खेल चुके हैं.
टीम में सात खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं, दो भारतीय हैं, दो ब्रितानी हैं, एक ऑस्ट्रेलियाई हैं और एक खिलाड़ी चीन का है.
रॉबिन सिंह की निगाह बांग्लादेश पर है जिसने पिछले पाँच वर्ष में केवल एक मैच जीता है.
संयुक्त अरब अमीरात की टीम भी नई है मगर उसने इस वर्ष आईसीसी की छह देशों की प्रतियोगिता में अपने पाँच में से तीन मैच जीते थे.