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शनिवार, 19 जून, 2004 को 18:10 GMT तक के समाचार

चेक गणराज्य क्वार्टर फ़ाइनल में

यूरो कप में चेक गणराज्य की टीम क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बन गई है. उसने हॉलैंड को हराया जबकि लातविया और जर्मनी का मैच ड्रॉ रहा.

एक समय 2-0 से पिछड़ने के बाद चेक गणराज्य की टीम ने शानदार वापसी की और तीन गोल करके जीत हासिल की. चेक गणराज्य ने पहले मैच में लातविया को मात दी थी.

हॉलैंड की ओर से बाउमा ने गोल करके अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई. जल्द ही रूड वैन निस्टलरॉय ने आसान गोल करके बढ़त को 2-0 कर दिया.

लेकिन पहले हाफ़ में ही चेक गणराज्य के मिलान बैरोस ने गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया.

दूसरे हाफ़ में बैरोस फिर एक्शन में आए और गोल करके स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया. फिर आख़िरी क्षणों में व्लादीमिर स्मिसर ने विजयी गोल दाग़कर हॉलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

अब इतना तो तय ही है कि ग्रुप डी में से हॉलैंड या जर्मनी को क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने का मौक़ा नहीं मिलेगा.

हॉलैंड के लिए राहत की बात यह है कि उसका आख़िरी मैच लातविया से है. लेकिन जर्मनी के ख़िलाफ़ शानदार प्रदर्शन करके लातविया ने भी हॉलैंड के लिए ख़तरे की घंटी बजा दी है.

लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने के लिए हॉलैंड को हर हाल में अपना आख़िरी मैच न सिर्फ़ जीतना होगा बल्कि जर्मनी की हार या मैच ड्रा होने का इंतज़ार भी करना होगा.

अभी हॉलैंड के सिर्फ़ एक और जर्मनी के दो अंक हैं. जबकि लातविया को भी एक अंक हासिल है. चेक गणराज्य छह अंक के साथ क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँच गया है.

आख़िरी मैच में चेक गणराज्य का मुक़ाबला जर्मनी से होगा.

लातविया और जर्मनी

इससे पहले जर्मनी और लातविया का मुक़ाबला बराबरी पर छूटा.

लातविया को जर्मनी के मुक़ाबले कमज़ोर टीम माना जा रहा था लेकिन लातविया ने जर्मनी को एक भी गोल नहीं करने दिया.

दोनों का मैच बिना किसी गोल के बराबर छूटा. जर्मनी का पहला मैच भी हॉलैंड से बराबर ही छूटा था.

जबकि लातविया अपना पहला मैच चेक गणराज्य से हार गया था.

अब दो मैचों में जर्मनी के सिर्फ़ दो अंक हैं और उसके क्वार्टर फ़ाइनल तक न पहुँच पाने का ख़तरा मँडरा रहा है.

जर्मनी ने शुरू से ही लातविया को शायद कुछ ज़्यादा ही कमज़ोर आँक लिया था लेकिन लातविया ने कई मौक़े पर जर्मनी को परेशान किया.

एक बार तो लातविया की ओर से पेनाल्टी की ज़बरदस्त माँग हुई लेकिन रेफ़री ने इसे ठुकरा दिया.

इस बीच जर्मनी ने भी कई बार गोल करने के शानदार अवसर गँवाए. आख़िरी क्षण में भी जर्मनी को गोल करने का मौक़ा मिला लेकिन वे चूक गए. क्लोज का हेडर गोल पोस्ट के ऊपर से गुजरा.