पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी से स्पष्ट किया है कि रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख़्तर को कोई सज़ा नहीं दी जाएगी.
शोएब पर आरोप लगाया गया था कि भारत के ख़िलाफ़ तीसरे और निर्णायक टेस्ट के दौरान उनको लगी चोट 'असली' नहीं थी.
इसके लिए पीसीबी ने एक जाँच आयोग का भी गठन किया था.
लेकिन उनके बोन स्कैन की रिपोर्ट में यह बताया गया कि उनकी पसलियों में सूजन थी.
बोर्ड का कहना है कि बोन स्कैन से पहले शोएब की मेडिकल जाँच में कोई सूजन नहीं था.
कार्रवाई
बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार ख़ान ने बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि चोट पहले से थी या नहीं.
फिर भी शोएब की बात पर भरोसा करते हुए बोर्ड उन पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा.
पीसीबी ने शोएब को किसी तरह की सज़ा देने से तो इनकार किया लेकिन बोर्ड ने शोएब को चेतावनी दी है कि वे अपनी स्थिति के आधार पर किसी तरह की राहत की अपेक्षा न करें.
शनिवार को पीसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया, "क्रिकेट बोर्ड ने भारत के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट के दौरान शोएब के व्यवहार को गंभीरता से लिया है. इस टेस्ट में शोएब के मैदान छोड़ने के कारण टीम का मनोबल गिरा और उसका प्रदर्शन ख़राब रहा."
बोर्ड ने कहा कि शोएब पर कोई ज़ुर्माना तो नहीं लगाया जा रहा लेकिन बोर्ड का कहना है कि शोएब को टीम के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी और मज़बूती से निभानी होगी.