http://www.bbcchindi.com

वीरेंदर सहवाग दूल्हा बने

आरती अहलावत के साथ मँगनी के बाद पाकिस्तान में तिहरा शतक जड़कर नया रिकार्ड बनाने वाले वीरेंदर सहवाग गुरूवार को परिणय सूत्र में बँध गए.

दिल्ली के नजफ़गढ़ इलाक़े में पले-बढ़े वीरेंदर सहवाग, दिल्ली के उन सत्रह हज़ार दूल्हों में से एक हैं जिनका विवाह अक्षय तृतीया (इस वर्ष-22अप्रैल) की शुभ मानी जाने वाली तिथि को रचाया गया.

नजफ़गढ़ में वीरू के पैतृक निवास पर सुबह से ही रिश्तेदारों और दोस्तों का ताँता लगा रहा.

सहवाग काफ़ी बेफ़िक्र मूड में थे लेकिन कैमरे वालों और पत्रकारों की भीड़ को देखकर थोड़ा परेशान भी थे.

उधर लड़की वाले क़ानूनमंत्री अरुण जेटली के अशोक रोड स्थित सरकारी निवास पर बारात के स्वागत की तैयारी में जुटे रहे.

ऑर्किड के फूल और साटन-सिल्क के शामियाने, लगभग सात सौ मेहमानों की ख़ातिरदारी की तैयारी और तरह-तरह के व्यंजनों की भरमार.

16 प्रकार की रोटियाँ और 16 तरह की कुल्फ़ियाँ, पुरानी दिल्ली के कई मशहूर व्यंजन, कई पकवान तो ऐसे कि जिनके बारे में दुल्हन आरती के पिता शौराज सिंह अहलावत ख़ुद कहते हैं कि "मैने तो इनका नाम भी नहीं सुना."

मज़ा किरकिरा मगर...

बारात आने से पहले लड़की वाले थोड़ा चिंतित थे. शाम पाँच बजे से ही दिल्ली में ऐसी आँधी चली और ओले पड़े कि सारी सजावट और तैयारी पर थोड़ी देर के लिए पानी फिर गया.

कुछ देर बाद आँधी रुकी और वीरेंदर सहवाग मंदिर पहुँचे. दर्शन के बाद घुड़चढ़ी की रस्म और फिर बारात चली आँध्र भवन के लिए.

वीरेंदर सहवाग
मुल्तान में वीरू का बल्ला बहुत चला था

आँध्र भवन के सामने बारात जमा हुई और चलकर पहुँची 9-अशोक रोड. फूलों से सजा मंडप और फेरों की तैयारी, भारतीय क्रिकेट आकाश के इस चमचमाते सितारे के गठबंधन के लिए.

मेहमानों की संख्या बहुत ज़्यादा नहीं. दरअसल वीरू ख़ुद नहीं चाहते थे कि लड़की वालों पर ज़्यादा बोझ पड़े. 80-90 लोग दूल्हे के परिवार के थे, बाक़ी उनके क़रीबी दोस्त और मोहल्ले वाले. वीआईपी बहुत कम.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया शादी में शामिल हुए. कुछ नेता और कुछ क्रिकेट सितारे भी.

ज़्यादातर लोगों को 24 अप्रैल को दिल्ली स्थित मौर्या शेरेटन होटल में आयोजित होने वाले वर-वधू स्वागत समारोह में बुलाया गया है.

पाकिस्तान से श्रंखला जीतकर लौटी भारतीय टीम के सात विवाहित सदस्यों की सूची में शामिल हो गया है नाम वीरेंदर सहवाग का.

अब नज़र इस बात पर होगी कि आरती के साथ सूत्रबंधन के बाद सहवाग के बल्ले से होने वाली रनों की बौछार बढ़ती है या ठहरती है.