लाहौर में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट मैच में बार-बार अपील करने के कारण भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल पर जुर्माना लगाया गया है.
जुर्माने के रूप में उनके मैच फ़ीस का 60 प्रतिशत काट लिया जाएगा.
दूसरे दिन का मैच ख़त्म होने के बाद मंगलवार को मैच रेफ़री रंजन मदुगले ने मामले की सुनवाई की.
दोनों अंपायरों स्टीव बकनर और साइमन टॉफ़ेल ने रेफ़री से पार्थिव के व्यवहार की शिकायत की थी.
पटेल ने कई बार ज़ोरदार अपीलें की थीं.
ऑस्ट्रेलियाई अंपायर टॉफेल ने अनिल कुंबले की गेंद पर जब युसूफ़ योहाना को कॉट-बिहाइंड आउट नहीं दिया तो पार्थिव बहुत ही आहत दिखे.
सुनवाई
सुनवाई के समय रेफ़री के सामने पार्थिव के अलावा भारतीय टीम के मैनेजर रत्नाकर शेट्टी और कोच जॉन राइट भी उपस्थित थे.
फ़ैसला सुनाने से पहले रेफ़री ने मैच के वीडियो देखे और अंपायरों की रिपोर्ट पर विचार किया.
अपना 15वाँ टेस्ट खेल रहे पार्थिव पर न्यूनतम जुर्माना लगाया गया है.
उल्लेखनीय है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा तय आचार संहिता में लेवल-2 की इस अनुशासनहीनता के लिए रेफ़री के पास पार्थिव पर पूरी मैच फ़ीस का जुर्माना लगाने के अलावा एक मैच के लिए प्रतिबंध का भी विकल्प था.
मौजूदा सिरीज़ में इससे पहले पाकिस्तानी विकेटकीपर मोइन ख़ान पर मुल्तान टेस्ट में मैच फ़ीस का 80 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा चुका है.