पाकिस्तान के क्रिकेट कप्तान इंज़माम उल हक़ ने लाहौर में सोमवार से हो रहे दूसरे टेस्ट में भारत को कड़ी टक्कर देने की बात की है.
जबकि पहला टेस्ट भारी अंतर से हारने के बाद पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों को आलोचनाओं का निशाना बन पड़ रहा है.
इंज़माम ने रविवार को कहा, "पीछे मुड़ के देखने की ज़रूरत नहीं है. हमें सिरीज़ को बराबर करने के लिए इस मैच में सारा ज़ोर लगाना होगा."
हालाँकि उन्होंने माना कि पहले टेस्ट में पारी की हार का सामना करने के बाद टीम भारी दबाव में है.
चौतरफ़ा आलोचना
इस बीच पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों की चौतरफ़ा आलोचना जारी है.
टीम के कोच जावेद मियाँदाद ने बीबीसी से बातचीत में स्वीकार किया, "दुर्भाग्य से हमारे गेंदबाज़ अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके."
![]() सबकी सलाह- तेज़ी के अलावा सीधी गेंदें डालना भी ज़रूरी |
मौजूदा टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से पहले यह माना जा रहा था कि शोएब अख़्तर, मोहम्मद समी और शब्बीर अहमद भारत के चोटी के गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ा देंगे, लेकिन उल्टा भारतीय गेंदबाज़ों ने ही ख़ूब छक्के उड़ाए.
कप्तान इंज़माम ने कहा, "इमरान, वसीम या वक़ार की बराबरी हासिल करने में इन्हें वक़्त लगेगा, जो कि किसी भी टीम को किसी भी पिच पर आउट करने में सक्षम थे."
पाकिस्तानी कप्तान ने कहा, "शोएब, समी और शब्बीर में अभी वो क्लास नहीं आ पाया है. इन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक बने रहने के लिए अभी बहुत कुछ सीखना पड़ेगा."
इंज़माम ने कहा, "आप सिर्फ़ गेंदों की तेज़ी के बल पर विकेट नहीं ले सकते."
उनकी बातों से पूर् कप्तान वसीम अकरम सहमत दिखे.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार अकरम ने कहा, "अपने तेज़ गेंदबाज़ों को मेरी सलाह होगी कि वह सीधी गेंद फेंकने की कोशिश करें क्योंकि आजकल के बल्लेबाज़ तेज़ गेंदों से नहीं डरते."
अकरम ने इस बात से इनकार किया उनकी सलाह के चलते भारतीय गेंदबाज़ इरफ़ान पठान सफल साबित हो रहे हैं.
अकरम ने कहा, "एक-दो टिप्स से कोई सफल नहीं हो जाता. किसी गेंदबाज़ को आगे बढ़ने के लिए काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है."
उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता पठान ने मुल्तान में कोई ज़्यादा बढ़िया गेंदबाज़ी की. उसने इन-स्विंगर फेंके और लाइन-लेंग्थ सही रखा. पाकिस्तानी गेंदबाज़ों को इससे सीख लेनी चाहिए."