भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा क्रिकेट सिरीज़ का चौथा मैच आन का मुद्दा बन गया है.
भारत इस सिरीज़ में 1-2 से पीछे है और कुल पाँच एक दिवसीय मैच खेले जाने हैं.
इसलिए लाहौर में आज खेला जाने वाला मैच ख़ासतौर से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
सिरीज़ में 2-1 की बढ़त हासिल करने के बाद भारत पर दबाव है कि वह लाहौर मैच में अच्छा प्रदर्शन करे अन्यथा सिरीज़ उसके हाथ से निकल जाएगी.
लाहौर में भारत ने अपने दौरे का पहला अभ्यास मैच पाकिस्तान की ए टीम के ख़िलाफ़ खेला था जिससे बड़ा स्कोर करने की शुरुआत की थी.
लेकिन आज का मैच उस पिच पर नहीं खेला जाना है जिस पर अभ्यास मैच हुआ था फिर भी लाहौर की पिच बल्लेबाज़ों का ही सहयोग करेगी ऐसी उम्मीद है.
निराशा
पेशावर मैच में हार से निराश टीम गेंदबाज़ों के प्रदर्शन से ख़ुश नहीं हैं ख़ासकर टीम में अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे स्पिनरों की कमी खल रही है.
![]() स्पिनरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है |
पेशावर मैच में सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ बाक़ी खिलाड़ियों से कई ओवर कराने पड़े और इस स्थिति में स्पिनरों की कमी खलना स्वभाविक ही है.
कप्तान सौरभ गांगुली रमेश पवार की गेंदबाज़ी से ज़्यादा प्रभावित नहीं है लेकिन बल्लेबाज़ी में ज़रूर उन्होंने अपना कमाल दिखाया है.
इसके साथ-साथ तेज़ गेंदबाज़ों ने अभी पूरी सिरीज़ में अपना हुनर नहीं दिखाया है.
भारत के लिए सबसे बुरा अनुभव रहा है ज़हीर ख़ान की गेंदबाज़ी जो इस सिरीज़ में अपनी लय-ताल में नहीं नज़र आ रहे.
आशीष नेहरा की ग़ैर मौजूदगी में इरफ़ान पठान ने एक मैच खेला है और अच्छा प्रदर्शन किया है.
लेकिन लक्ष्मीपति बालाजी ने अच्छी शुरुआत के बावजूद बाद के मैचों में निराश किया है.
बल्लेबाज़ी
बल्लेबाज़ों ने कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन ज़रूर किया है लेकिन एक बार फिर दबाव में वे कैसा प्रदर्शन करेंगे इस पर नज़र होगी.
![]() वीवीएस लक्ष्मण का प्रदर्शन भी भारतीय कैंप के लिए निराशा का कारण हैं |
वीवीएस लक्ष्मण का ख़राब प्रदर्शन टीम के लिए निराशा की बात है क्योंकि अगर जल्दी विकेट गिरे और लक्ष्मण ने अच्छा खेल नहीं दिखाया तो बाद के बल्लेबाजों पर दबाव स्वभाविक ही है.
पेशावर में हार के बाद गांगुली ने कहा भी कि युवा खिलाड़ी कमर कस कर तैयारी शुरू कर दें.
कोच जॉन राइट का भी यही कहना है कि अब टीम को अच्छा प्रदर्शन करने की ज़रूरत है.
दूसरी ओर लगातार दो जीत से उत्साहित पाकिस्तान टीम में शायद वही खिलाड़ी रहें जो लगातार दो मैचों में रहे हैं.
पाकिस्तान के गेंदबाज़ों ने भी बहुत ज़्यादा निराश नहीं किया है लेकिन लाइन और लेंथ अब भी एक समस्या है.
इस कारण काफ़ी ज़्यादा अतिरिक्त रन जाते हैं. पाकिस्तानी टीम का इस ओर ध्यान है.
इन सबके बावजूद वे भारतीय टीम को हलका नहीं समझ रहे हैं और शायद इसी से लाहौर मैच के रोमांचक होने की उम्मीद जगी है.