कराची का नेशनल स्टेडियम बहुत कुछ चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम की याद दिलाता है.
हाँ, यह बात ज़रूर है कि यह उतना बड़ा नहीं है. यहाँ सिर्फ़ 38 हज़ार दर्शक ही बैठ सकते हैं.
जैसे ही आप स्टेडियम में घुसते हैं ऐसा लगता है मानो आप किसी सैनिक छावनी में घुस आए हों.
लेकिन सैनिकों का व्यवहार आपका दिल जीत लेता है. जैसे ही हमारी कार स्टेडियम के गेट तक पहुँचती है एक सैनिक मेरी तरफ़ देखकर कहता है- अस्सलावालेकुम-- क्या आप अपना तारुर्फ़ कराएँगे.
मेरे परिचय देने पर वो तुरंत मुझे आगे बढ़ने का इशारा करता है.
स्टेडियम में सौरभ गांगुली की टीम को घुसते देखना अपने आप में रोमाँचकारी अनुभव था.
कड़ी सुरक्षा
क़रीब 20 कारों का काफ़िला.. हर दो कारों के पीछे सेना की मशीनगन लगी जीप और चौकस जवान.
![]() कराची में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था |
इनमें से कई डमी कारें थीं जिनके काले शीशों से ये पता नहीं चल पा रहा था कि इनके अंदर कौन बैठा हुआ था.
काफ़िले के पीछे 16 मोटर साइकिल चालक चल रहे थे और उनके पीछे बैठे हुए थे एके-56 राइफ़लों से लैस पाकिस्तानी सैनिक.
मैदान में भारतीय टीम ने आपस में पहले वॉलीबॉल का मैच खेला और फिर जमकर गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग का अभ्यास किया.
शाम आते-आते पता चला कि प्रियंका और राहुल गाँधी ख़ास तौर पर ये मैच देखने कराची पहुँच गए हैं.
हम लोगों ने उन्हें खोजने के लिए शहर का हर बड़ा होटल छान मारा लेकिन पता चला कि वो सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरे हैं और उन्हें सरकारी मेहमान का दर्जा दिया गया है.
शाम तक जाने-माने उद्योगपति और राज्यसभा सांसद विजय माल्या के कराची पहुँचने की ख़बर आईय
हमारे अपने होटल शेरेटन की लॉबी में क़ानून मंत्री अरुण जेटली, राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया टहलते और क्रिकेट प्रेमियों से बात करते हुए देखे गए.
तैयारी
इरफ़ान पठान ट्रैक सूट पहन कर अपनी पहली मंज़िल के कमरे से बाहर आए तो लोगों ने उन्हें घेर लिया.
![]() टीम ने जम कर अभ्यास किया |
लोगों के सवाल कि मैच में खेल रहे हैं या नहीं- को वे मुस्कान के साथ टाल गए.
शेरेटन होटल के बाहर सुरक्षा का ये आलम है कि क़रीब एक किलोमीटर के इलाक़े को सुरक्षा बलों ने अपने घेरे में ले लिया है.
होटल में घुसने वाले हर व्यक्ति की चाहे वो मेहमान क्यों न हो-बार-बार तलाशी ली जा रही है.
ठीक सामने फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी हुई है और किसी गाड़ी को होटल के सामने रुकने नहीं दिया जा रहा है.
कराची की आबादी क़रीब एक करोड़ 40 लाख है. इसकी झलक बहुत कुछ मुंबई से मिलती है.
हाँ, सड़कें कुछ ज़्यादा चौड़ी हैं. यहाँ एक चीज़ की ओर आपका ध्यान तुरंत जाता है. यहाँ या तो बहुत अमीर लोग रहते हैं या काफ़ी ग़रीब. मध्यम वर्ग यहाँ कम ही दिखाई देता है.