भारत और पाकिस्तान के बीच नया इतिहास रचने और लोगों का दिल जीतने की उम्मीदों के साथ भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को पाकिस्तान के ऐतिहासिक शहर लाहौर पहुँच गई है.
लाहौर में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए पुख़्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे और बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हवाई अड्डे और होटल के बीच सुबह से ही कर्फ़्यू जैसा माहौल था.
इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने टीम को 'विजयी भव' का आशीर्वाद देते हुए रवाना किया और टीम को ले जाने वाला विशेष विमान क़रीब एक बजकर 20 मिनट पर दिल्ली से उड़ा.
प्रधानमंत्री ने एक बल्ला टीम को पेश किया जिस पर संदेश लिखा, "सिर्फ़ मैच ही नहीं, वहाँ लोगों का दिल भी जीतने की कोशिश कीजिएगा."
ग़ौरतलब है कि भारतीय टीम क़रीब 14 साल के अंतराल के बाद पाकिस्तान की धरती पर क्रिकेट मैच खेलने पहुँची है.
टीम के साथ जाने वाले मैनेजर रत्नाकर शेट्टी ने यही उम्मीद जताई कि भारतीय क्रिकेट टीम का यह दौरा लोगों के दिल जीतने में कामयाब रहेगा.
पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान ख़ान ने उम्मीद जताई है कि इस क्रिकेट सिरीज़ से दोनों देशों के बीच अदावत को ख़त्म करने में मदद मिलेगी.
"जब दो देश दोस्त बनने की कोशिश कर रहे हैं, तनाव दूर करने की कोशिश कर रहे हैं तो ऐसे में क्रिकेट ज़ख़्मों को भरने में बहुत मदद कर सकता है."
टीम बुधवार को लाहौर पहुँचकर गुरूवार को पहला अभ्यास मैच खेलेगी और पहला एक दिवसीय मैच कराची में 13 मार्च को खेला जाएगा.
भारतीय टीम 40 दिन के दौरे के दौरान पाँच एक दिवसीय और तीन टेस्ट मैच खेलेगी.
टीम के इस दौरे पर दुनिया की नज़रे टिकी हैं क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की प्रक्रिया और आगे जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
वैसे भी इन दोनों टीमों के बीच मैच कहीं भी खेला जाए, दर्शकों में भारी उत्साह होता है.
इस बार भी भारत से हज़ारों क्रिकेट प्रेमी पाकिस्तान जाने के लिए लालायित हैं और पाकिस्तानी दर्शक तो पहले से ही अपना उत्साह दिखा रहे हैं.
सुरक्षा
टीम के पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले दिल्ली में खिलाड़ियों को सुरक्षा संबंधी तमाम पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई.
![]() खेल प्रेमियों में भारी उत्साह है |
पुलिस महानिरीक्षक यशोवर्धन आज़ाद और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज लाल ने यह जानकारी दी.
ग़ौरतलब है कि आज़ाद पाकिस्तान गए उस दल में भी शामिल थे जिसने वहाँ सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लिया था.
टीम को बताया गया कि सुरक्षा के पहले चरण में ये दोनों अधिकारी 22 मार्च तक भारतीय खिलाड़ियों के साथ रहेंगे.
22 मार्च के बाद दो अन्य अधिकारी पुलिस उपमहानिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार और दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (सुरक्षा) प्रभाकर यह ज़िम्मेदारी संभाल लेंगे.
खिलाड़ियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत सी हिदायतें दी गई हैं और उन्हें कहीं अकेले या छोटे गुटों में जाने से मना किया गया है.
यह भी व्यवस्था की गई है कि अगर कहीं चरमपंथी हमला होता है तो खिलाड़ियों को वहाँ से कैसे निकाला जाए.
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारी संभवतः कड़ी निगरानी के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद भी लेंगे.